गाजियाबाद। लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के प्रकोप ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। सरकारी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त, वायरल बुखार, सिर दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पतालों में सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन गर्मी से संबंधित बीमारियों के मामलों में तेजी दर्ज की गई है।
एमएमजी जिला अस्पताल और संयुक्त अस्पताल में रोजाना तीन हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 600 से ज्यादा मरीज तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत से पीड़ित पाए गए। चिकित्सकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। गंभीर हालत में पहुंचे 50 से अधिक मरीजों को भर्ती करना पड़ा, जबकि कई मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में उपचार देने के बाद छुट्टी दे दी गई।
वितरित हो रहे एक हजार पैकेट ओआरएस
अस्पतालों में ओआरएस की मांग भी तेजी से बढ़ी है। रोजाना एक हजार से अधिक ओआरएस के पैकेट मरीजों को वितरित किए जा रहे हैं। संयुक्त अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. योगेंद्र कुमार ने बताया कि इमरजेंसी और वार्ड के बाहर ओआरएस के पैकेट खुले में रखवाए गए हैं, ताकि मरीज और तीमारदार जरूरत के अनुसार उन्हें आसानी से ले सकें। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण शरीर में पानी और जरूरी लवणों की कमी तेजी से हो रही है, जिससे मरीजों की हालत बिगड़ रही है।
एमएमजी पहुंचे 1952 मरीज
जिला एमएमजी अस्पताल में बृहस्पतिवार को कुल 1952 मरीजों ने उपचार कराया। इनमें 992 महिलाएं, 672 पुरुष और 288 बच्चे शामिल रहे। चिकित्सकों के अनुसार छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। मरीजों में चक्कर आना, सिर दर्द, बेचैनी, कमजोरी और बेहोशी जैसी शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं। कई मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाने की जरूरत भी पड़ रही है।
12 बजे से शाम चार बजे तक बाहर निकलने से बचें
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्का भोजन करने और खुले या बासी खाने से परहेज करने की सलाह दी। वहीं सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि अस्पतालों में डिहाइड्रेशन के मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की गई है ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
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