विधानसभा चुनाव 2017 का शंखनाद हो चुका है। राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर रहे हैं लेकिन असल परीक्षा मौजूदा विधायकों की है। जिन्हें जनता उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों की कसौटी पर परखेगी।
अपनी विधानसभा में मौजूदा विधायक खरे उतरे हैं या नहीं, चुनाव के साथ ही साफ हो जाएगा। विधायकों का दावा है कि क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का परिणाम मिलेगा। परिणाम जीत होगी या हार, यह चुनाव बाद तय होगा। आइए जानते हैं कि विधायकों ने बीते पांच वर्षों के दौरान अपनी विधानसभा में क्या किया।
विधानसभा : गाजियाबाद
विधायक : सुरेश बंसल
वर्ष 2012 में गाजियाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने जाने के बाद से वर्ष 2016 तक क्षेत्र में पौने छह करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए गए। वित्तीय वर्ष 2015-16 के बाकी 24 लाख के बजट से भी विकास कार्य शुरू कराए जा चुके हैं।
साथ ही अंतिम कार्यकाल वर्ष 2017 के लिए जारी हुए 75 लाख रुपये के बजट से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इस बजट से दौलतपुरा और विवेकानंद नगर में कम्युनिटी सेंटर और सड़क के निर्माण और पार्कों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव दिया गया है।
बीते वर्षों में सड़क, नाली और विद्युतीकरण की व्यवस्था करने के साथ ही बारात घर, सामुदायिक केंद्र, स्कूल में कमरों, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग टाइल आदि का निर्माण कराया गया। गरीबों को चिकित्सा के लिए भी सहयोग दिया गया।
- बजट खर्च पर एक नजर
वर्ष बजट खर्च (करोड़ में)
2012-2013 1.50 1.40
2013-2014 1.61 1.55
2014-2015 1.56 1.53
2015-2016 1.52 1.28
विधानसभा : साहिबाबाद
विधायक : अमरपाल शर्मा
वर्ष 2012 में साहिबाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुने जाने के बाद से वर्ष 2016 तक क्षेत्र में करीब छह करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए गए। वित्तीय वर्ष 2015-16 के बाकी करीब 15 लाख के बजट से भी विकास कार्य शुरू कराए जा चुके हैं।
इसके साथ ही अंतिम कार्यकाल वर्ष 2017 के लिए जारी हुए 75 लाख रुपये के बजट से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इस बजट से शहीद नगर में 68 लाख, नंदग्राम ए-ब्लॉक में 12 लाख और सी-ब्लॉक में 10 लाख रुपये सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा।
बीते वर्षों में सबसे अधिक विकास कार्य खोड़ा में कराया गया है। साथ ही शहीद नगर, नंदग्राम, साहिबाबाद, अर्थला और वृंदावन गार्डन में भी काम हुआ है। 95 प्रतिशत बजट सिर्फ सीसी रोड निर्माण में खर्च हुआ है।
- बजट खर्च पर एक नजर
वर्ष बजट खर्च (करोड़ में)
2012-2013 1.50 1.80
2013-2014 1.92 1.91
2014-2015 1.51 1.50
2015-2016 1.50 1.36
विधानसभा : लोनी
विधायक : जाकिर अली
वर्ष 2012 में लोनी विधानसभा से विधायक चुने जाने के बाद से वर्ष 2016 तक क्षेत्र में लगभग छह करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए गए। वित्तीय वर्ष 2015-16 के बाकी करीब 10 लाख के बजट से भी विकास कार्य शुरू कराए जा चुके हैं।
एक व्यक्ति को इलाज के लिए भी राशि दी गई। इसके साथ ही अंतिम कार्यकाल वर्ष 2017 के लिए जारी हुए 75 लाख रुपये के बजट से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इस बजट से लोनी में सीसी रोड समेत अन्य निर्माण कराए जाएंगे।
बीते वर्षों में विधायक ने सड़क, नाली के निर्माण के साथ ही विद्युतीकरण कराया है। गरीबों के इलाज पर भी खर्च किया गया। कब्रिस्तान और शमशान घाट की बाउंड्री कराई गई। सीसी रोड के निर्माण में 80 फीसदी का बजट खर्च किया गया।
- बजट खर्च पर एक नजर
वर्ष बजट खर्च (करोड़ में)
2012-2013 1.50 1.32
2013-2014 1.68 1.51
2014-2015 1.67 1.60
2015-2016 1.57 1.47
विधानसभा : मोदीनगर
विधायक : सुरेश शर्मा
वर्ष 2012 में मोदीनगर विधानसभा से विधायक चुने जाने के बाद से वर्ष 2016 तक क्षेत्र में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए। वित्तीय वर्ष 2015-16 के बाकी 50 लाख के बजट से इंटलॉकिंग टाइल्स लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
इसके साथ ही अंतिम कार्यकाल वर्ष 2017 के लिए जारी हुए 75 लाख रुपये के बजट से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इस बजट से सीसी रोड और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाई जाएंगी। इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाने के साथ ही गरीबों के इलाज के इलाज के लिए भी मदद की गई।
फफराना में वाल्मीकि चौपाल, कृष्णानगर में उत्तराखंड समाज के लिए सामुदायिक भवन, फरीद नगर में बारात घर, सीकरी कला में धर्मशाला का निर्माण कराने के साथ ही हैंडपंप लगवाए गए और पशु घाट भी बनाया गया। सड़कों के निर्माण बजट का 90 फीसदी पैसा खर्च किया गया। गांवों में विकास हुआ और 50 गांव लोहिया ग्राम में चुने गए।
- बजट खर्च पर एक नजर
वर्ष बजट खर्च (करोड़ में)
2012-2013 1.50 1.14
2013-2014 1.86 1.82
2014-2015 1.54 1.30
2015-2016 1.75 1.26
विधानसभा : मुरादनगर
विधायक : वहाब चौधरी
वर्ष 2012 में मुरादनगर विधानसभा से विधायक चुने जाने के बाद से वर्ष 2016 तक क्षेत्र में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए। वित्तीय वर्ष 2015-16 के बाकी 60 लाख के बजट से भी विकास कार्य शुरू कराए जा चुके हैं।
इस बजट से इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाई जा रही हैं। इसके साथ ही अंतिम कार्यकाल वर्ष 2017 के लिए जारी हुए 75 लाख रुपये के बजट से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। बजट की 90 फीसदी राशि इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाने पर खर्च की गई है।
क्षेत्र में विद्युतीकरण के साथ ही मुरादनगर गंग नहर पर कई पुलिया का भी निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही गरीबों के इलाज पर भी निधि खर्च की गई।
- बजट खर्च पर एक नजर
वर्ष बजट खर्च (करोड़ में)
2012-2013 1.50 1.43
2013-2014 1.57 1.57
2014-2015 1.50 1.45
2015-2016 1.55 95 लाख