माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। क्रूड ऑयल की किल्लत के कारण प्लास्टिक उद्योग प्रभावित होने से अनाज रखने वाले प्लास्टिक बोरों के दाम में 60 फीसदी तक उछाल आ गया है। इससे अनाज की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। फूड ग्रेंस एसोसिएशन के महामंत्री सुधीर मोनू गोयल ने बताया कि 25 से 30 किलो क्षमता वाले प्लास्टिक बैग, जो एक महीने पहले करीब 20 रुपये में मिलते थे, अब 32-33 रुपये तक पहुंच गए हैं।
सुधीर मोनू गोयल ने बताया कि गोविंदपुरम अनाज मंडी में रोजाना करीब 2000 क्विंटल दाल, चावल और गेहूं की आवक होती है, जो मुख्य रूप से मध्य प्रदेश से आता है। यह अनाज प्लास्टिक के कट्टों में पैक होकर मंडी तक पहुंचता है। पहले जहां 30 किलो दाल का कट्टा थोक में करीब 3000 रुपये में मिलता था, अब इसकी कीमत बढ़कर 3015 रुपये हो गई है। खुदरा बाजार में पहुंचते-पहुंचते दुकानदार 20 से 25 फीसदी मुनाफा जोड़कर इसे ग्राहकों को बेच रहे हैं।
महंगाई का असर ग्राहकों पर भी
मध्य एशिया में चल रहे युद्ध और क्रूड ऑयल संकट का असर अब बाजार से लेकर घर तक दिख रहा है। रामतेराम रोड व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश स्वामी के अनुसार, प्लास्टिक से बने सामान जैसे कुर्सी, मेज और दरवाजों के दामों में भी 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
सोफा और फोम भी महंगे
राष्ट्रीय व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष व फर्नीचर कारोबारी अशोक भारतीय ने बताया कि फोम की कीमतों में 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हो गई है। पहले जो फोम 300 रुपये प्रति किलो मिलता था, वह अब 350-360 रुपये तक पहुंच गया है। इसके चलते 30 हजार रुपये में तैयार होने वाला सोफा अब 37 से 38 हजार रुपये तक का पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कच्चे माल के साथ श्रम लागत भी बढ़ गई है। दूसरी ओर महंगाई के कारण ग्राहकों की संख्या में कमी आई है।
राकेश स्वामी, फर्नीचर व्यापारी
राकेश स्वामी, फर्नीचर व्यापारी