कमिश्नर फॉर मेट्रो रेलवे सेफ्टी की ओर से यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े हर पहलू को जांचा परखा जाएगा। इस प्रक्रिया में चार से पांच हफ्ते का वक्त लग सकता है। ऐसे में अप्रैल के आखिर तक रूट सेफ्टी क्लीयरेंस मिलने की संभावना है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की ओर से भौतिक सत्यापन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज सौंपे गए हैं। रूट सेफ्टी की मंजूरी मिलते ही रैपिड रेल के संचालन की अंतिम रुकावट दूर हो जाएगी। वर्तमान प्रक्रिया और स्टेशनों पर अंतिम दौर केकाम पर नजर डालें तो रैपिड रेल का संचालन मई तक होने की प्रबल संभावनाएं हैं।
स्टेशनों पर फिनिशिंग के काम ने पकड़ी रफ्तार
रैपिड रेल के दुहाई और मेरठ रोड तिराहा (गाजियाबाद) स्टेशन का अभी करीब पांच फीसदी कार्य बचा है। दुहाई स्टेशन में मेरठ की ओर जाने वाले मार्ग में बनाए जा रहे प्रवेश-निकास मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। वहीं मेरठ रोड तिराहा स्टेशन पांच में से केवल एक प्रवेश-निकास मार्ग तैयार है। बाकी पर काम तेजी से जारी है। इन दोनों स्टेशनों के साथ साहिबाबाद, गुलधर और दुहाई डिपो स्टेशन में फिनिशिंग का काम तेजी से किया जा रहा है। दुहाई और मेरठ रोड तिराहा को छोड़कर बाकी तीनों स्टेशन लगभग तैयार हैं।
यात्री सुरक्षा के हर बिंदु की होगी जांच
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि कॉरिडोर में पहली बार नई रैपिड रेल संचालित होगी। ऐसे में कमिश्नर फॉर मेट्रो रेलवे सेफ्टी की ओर से यात्री सुरक्षा के हर बिंदु को जांचा जाएगा। जांच प्रक्रिया के जल्द पूरा होने की संभावना है।