जिस फैक्टरी में आसमां काम करती थी, दोनों आरोपी मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे वहां पहुंचे। शादाब ने आसमां को साथ चलने और निकाह करने के लिए कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया। इस पर वह आग बबूला हो गया और कहा कि अगर तू मेरी नहीं होगी तो किसी की नहीं होगी। इसके बाद उसने आसमां पर .32 बोर के तमंचे से फायर कर दिया। एसीपी ने बताया कि शादाब बेरोजगार है और लक्ष्मण कूड़ा बीनने का काम करता है।
कूड़े में छुपा दिया था तमंचा, गोली का खोखा फंसा मिला
एसीपी अंशु जैन ने बताया कि दोनों आरोपी सीसीटीवी में कैद हो गए थे। गोली मारने के बाद भागते वक्त शादाब का साथी लक्ष्मण गिर पड़ा था, लेकिन लोगों ने उस पर ध्यान नहीं दिया। लोग शादाब के पीछे दौड़े और लक्ष्मण उठकर आराम से फरार हो गया। उन्होंने बताया कि वारदात के बाद आरोपी शादाब ने तमंचा कूड़े के एक ढेर में छुपा दिया था। गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर तमंचा बरामद किया गया। तमंचे में गोली का खोखा फंसा मिला। लक्ष्मण के तमंचे से फायर नहीं किया गया था।
ऐसे हुई थी दोनों में जान-पहचान
एसीपी अंशु जैन ने बताया कि करीब दो साल पूर्व आसमा अपने पति रईस, सास-ससुर और दो बच्चों के साथ मिर्जापुर में शादाब के घर के पास ही किराए पर रहती थी। शादाब ने पहले आसमा से बातचीत कर जान पहचान बढ़ाई और फिर मिलना-जुलना शुरू कर दिया। एकतरफा प्रेम में आरोपी शादाब अब आसमा पर शादी करने का दबाव बना रहा था। उसने एक-दो बार उसे मिलने के लिए होटल में भी बुलाया। परेशान होने पर आसमां ने पति रईस और बच्चों के साथ मिर्जापुर का घर छोड़ दिया था और दूसरी जगह किराए पर रहने लगे थे। आसमां के सास-ससुर अभी भी पुराने मकान में ही किराए पर रहते हैं। मकान बदलने पर भी शादाब ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और वारदात को अंजाम दे दिया।