फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: एमएमजी अस्पताल में भर्ती मरीजों की बढ़ी संख्या, नहीं मिल रहे बेड

विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
विज्ञापन
गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में इन दिनों भर्ती मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके कारण बेड की कमी से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में वायरल और बुखार के मरीजों को तीन दिन बाद डिस्चार्ज किया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद नए मरीजों को बेड के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। 200 बेड के अस्पताल में रोजाना भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बेड से अधिक हो रही है।
विज्ञापन


सोमवार को एमएमजी अस्पताल में 2443 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया, जबकि एक हजार से अधिक पुराने मरीज इलाज और जांच के लिए पहुंचे। अस्पताल की इमरजेंसी में 124 और ओपीडी से 132 मरीजों को भर्ती किया गया। हालांकि, बढ़ती भीड़ और भर्ती की मांग को देखते हुए अस्पताल प्रशासन के लिए स्थिति को संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
सीएमएस राकेश कुमार ने इस बढ़ती हुई स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि यह हालात बने रहे, तो अस्पताल को मजबूरन मरीजों को संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल में रेफर करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज भर्ती किए जा रहे हैं और इसके कारण मरीजों के इलाज में देरी हो रही है।
विज्ञापन



भर्ती करने के लिए करना पड़ा तीन घंटे इंतजार

रविवार रात विजय नगर निवासी 35 वर्षीय शबाना को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि करीब एक घंटे तक इंतजार कराने के बाद भी डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती नहीं किया, बल्कि सिर्फ जांच कर इंजेक्शन दिया और घर भेज दिया। शबाना की हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें सुबह फिर अस्पताल लाया गया लेकिन तब भी बेड की कमी के कारण तीन घंटे तक उन्हें इंतजार करना पड़ा।

ड्यूटी पर मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि एक बेड पर दो मरीजों का इलाज नहीं किया जा सकता है, क्योंकि एक मरीज वायरल से संक्रमित था। इस वजह से शबाना को या तो रेफर किया जाता, नहीं तो इंतजार करना पड़ा। इसी बीच अस्पताल में सर्वर डाउन होने की समस्या ने भी मरीजों के पंजीकरण में दिक्कत पैदा की। इससे घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ा।

ओपीडी में भी बढ़ी मरीजों की भीड़
फिजिशियन, ईएनटी और बाल रोग ओपीडी में भी भीड़ बढ़ी हुई थी। मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। लंबी प्रतीक्षा के बाद ही उनका नंबर आया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वे लगातार स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्तमान में इंतजार के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें