महायोजना 2031 को 15 जोन में बांटकर गाजियाबाद, लोनी और मोदीनगर क्षेत्र के विकास को रफ्तार दी जाएगी। अगले छह साल में आवासीय योजनाओं के साथ ही औद्योगिक नगरी को विकसित करने का लक्ष्य है।
महायोजना को शासन से मंजूरी मिलने के बाद शनिवार को जीडीए वीसी अतुल वत्स और सचिव राजेश कुमार सिंह ने पत्रकारों से मुखातिब होकर इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में महायोजना का ड्राफ्ट बनाने का काम शुरू हुआ था। उसके बाद महायोजना के प्रारूप पर मंथन चलता रहा।
इसके बाद एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की राय और सुझाव से जीआईएस बेस्ड पुनरीक्षित गाजियाबाद, लोनी और मोदीनगर महायोजना तैयार की गई। इस याेजना में 66 लाख की आबादी को सुख, सुविधा को ध्यान में रखा गया है। शहर के विस्तारीकरण के साथ ही जीडीए का दायरा भी 27.56 फीसदी बढ़ाया गया है।
जीडीए वीसी अतुल वत्स ने कहा कि महायोजना के प्रभावी होने से जनपद में निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं। एक जिला एक उत्पाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निकट नए औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित किए गए हैं।
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति लागू : मेट्रो कॉरिडोर और रैपिड रेल कॉरिडोर के निकट टीओडी जोन यानी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जोन घोषित हो गया है। सार्वजिनक परिवहन सेवाओं के इन कॉरिडोर के किनारे आवासीय और व्यावसायिक भवनों का एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेशियो 1.5 से 5.0 कर दिया गया है। दो मंजिल के भवन पांच मंजिल तक बन सकेंगे।
टीओडी जोन लागू होने से आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रैपिड रेल कॉरिडोर पर गाजियाबाद व मोदीनगर साउथ तक 1500 मीटर के दायरे में भवन मालिकों बिल्डिंग की ऊंचाई बढ़ाने की सुविधा मिल सकेगी। करीब 4200 हेक्टेयर क्षेत्रफल को टीओडी जोन घोषित किया गया है।
मेट्रो कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे बना सकेंगे ऊंची इमारतें : महायोजना 2031 के तहत रेड लाइन व ब्लू लाइन मेट्रो कॉरिडोर के 500 मीटर के दायरे में टीओडी जोन घोषित कर दिया है। इन दोनों लाइनों पर करीब 630 हेक्टेयर क्षेत्रफल को टीओडी जोन में शामिल किया गया है।