मोदीनगर। साइबर अपराधियों ने सीकरी मार्ग निवासी अधिवक्ता के बैंक खाते से 3.52 लाख रुपये साफ कर दिए। अधिवक्ता को पहले एक रुपया कटने का मैसेज मिला और फिर इसके दो दिन बाद चार दिन के अंदर उनके खाते सेे साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक की रकम साफ हो गई। अधिवक्ताओं ने बैंककर्मियों पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप लगाते हुए बैंक में हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उन्हें शांत कराया।
नगर की संजीवनी एस्टेट कॉलोनी निवासी विनोद पाल तहसील मुख्यालय पर प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने बताया कि नगर के रेलवे रोड स्थित इंडियन बैंक शाखा में उनका खाता है। खाते में न तो नेटबैंकिग सुविधा है और न ही डेबिट कार्ड लिया हुआ है। बीते 29 अक्टूबर को विनोद पाल के मोबाइल पर खाते से एक रुपया कटने का मैसेज आया। विनोद ने बैंक में खाते से मोबाइल नंबर हटाने का प्रार्थनापत्र दिया। इसके बाद विनोद के खाते से 1 नवबंर से 4 नवंबर के बीच 3 लाख 52 हजार रुपये कट गए। विनोद को खाते से रकम कटने का मैसेज भी नहीं मिला। उन्होंने टॉल फ्री नंबर पर कॉल की तो रकम खाते से साफ होने की जानकारी मिली। सोमवार को विनोद पाल साथी अधिवक्ताओं व ग्रामीणों के साथ बैंक पहुंचे और बैंककर्मियों पर लापरवाही व आरोपियों से साठगांठ का आरोप लगा हंगामा किया। करीब तीन घंटे तक गहमा गहमी की स्थिति बनी रही। बैंक प्रबंधक रोशन कुमार सिंह का कहना है कि शाखा से संबंधित कार्य प्रार्थना पत्र के समय ही कर दिया गया था। मामले की जांच की जा रही है।