मोदीनगर। तहसील क्षेत्र के गांव त्यौड़ी-13 बिस्वा में पट्टाधारक किसान इंसाफ को मृत दिखाकर उनकी कृषि भूमि अन्य किसान के पुत्र के नाम पर दर्ज करने का मामला सामने आया है। किसान इंसाफ खुद को जीवित साबित करने के लिए सात महीने से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। किसान इंसाफ ने लेखपाल पर दस्तावेज दुरस्त करने के बदले तीन लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। किसान लेखपाल को 40 हजार रुपये भी दे चुका है।
गांव त्यौड़ी- 13 बिस्वा निवासी इंसाफ ने बताया कि करीब 28 वर्ष पूर्व उन्हें एक कृषि भूमि पट्टा आंवटित हुआ था। बताया कि गांव में उनका एक हमनाम था, उसके पास कोई भूमि नहीं थी। हमनाम की मौत हो चुकी है। इंसाफ ने आरोप लगाया कि हमनाम के पुत्र ने लेखपाल से साठगांठ कर एक ही नाम होने का फायदा उठाकर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के जरिए उनका पट्टा अपने नाम करा लिया। इंसाफ ने बताया कि उक्त कृषि पट्टे पर उन्होंने बैंक से ऋण भी लिया हुआ है। करीब सात माह पूर्व फर्द निकलवाने पर उन्हें फर्जीवाड़े का पता चला। आरोप है कि लेखपाल ने उनसे नाम दर्ज करने के बदले तीन लाख रुपये मांगे, जिसके लिए उन्होंने 40 हजार रुपये दे भी दिए। इसके बावजूद उनका नाम दर्ज नहीं हुआ। किसान इंसाफ खुद को जीवित साबित करने और नाम दर्ज कराने के लिए सात महीने से लगातार तहसील के चक्कर काट रहे है। बता दें कि इससे पूर्व भी गांव कादराबाद में लेखपाल ने दस्तावेजों में खेल कर दलित किसान की भूमि अन्य किसान के नाम पर कर दी थी। वहीं, एसडीएम डॉ. पूजा गुप्ता का कहना है कि फोन के माध्यम से घटना उनके संज्ञान में आई है। मामले की विधिवत जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।