गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर को टीबी रोगियों के मामले में हाई रिस्क क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इसकी तैयारी और एक्शन प्लान बनाने के लिए शनिवार को राज्य स्तरीय छह सदस्यीय टीम एमएमजी स्थित क्षय रोग विभाग में पहुंची। इसमें डब्ल्यूएचओ के अधिकारी भी शामिल रहे।
देशभर के 40 जनपद को हाई टीबी जोन में रखा गया है। इनमें यूपी के यूपी के गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर भी शामिल हैं। इन दोनों क्षेत्रों में टीबी के मरीजों को कैसे चिन्हित किया जाए, कैसे उनकी जांच हो इन सब को लेकर एक एक्शन प्लान बनाया गया है।
स्टेट टीबी डेमोन्सट्रेशन सेंटर आगरा के डायरेक्टर डॉ. शैलेंद्र भटनागर के अनुसार मुख्य समस्या यह है कि प्राइवेट अस्पतालों के मरीजों की रिपोर्टिंग न होने के कारण टीबी के मरीजों की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती है।
उन्होंने बताया कि रिवाइज्ड नेशनल ट्यूबरोक्लोसिस कंट्रोल प्रोग्राम प्रधानमंत्री की प्राथमिकता लिस्ट में है इसलिए इसकी रोकथाम और लोगों में जागरूकता के लिए और कार्य करना होगा। टीम में डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट डॉ. सुखवंत सिंह, डॉ. विकास सबरवाल, डॉ. संदीप चौहान और राजीव विश्नोई शामिल रहे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डीएम सक्सेना ने बताया कि मॉडल योजना रूप में गाजियाबाद से इस एक्शन प्लान को लागू किया जाएगा बाद में अन्य जनपदों में भी यह एक्शन प्लान लागू होगा। इस मौके पर डॉ. चंद्रप्रकाश, योगेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह चौहान और दीपाली शामिल रहे।