गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव आलमनगर में तालाब के निकट स्थित चामुंडा माता मंदिर में स्थापित माता शेरावाली की प्रतिमा बुधवार की शाम खंडित अवस्था में मिली।
इसकी जानकारी मिलने पर मंदिर में ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गईं। वहीं, पुलिस ने भी जांच की। ग्रामीणों ने जल्द ही मंदिर में नई प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा कराने और शांति व्यवस्था कायम रखने की बात की है।
गांव में तालाब के निकट प्राचीन चामुंडा माता का मंदिर स्थापित है। जिसमें काफी समय पहले ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से जीर्णोद्धार कराया था। इस दौरान माता शेरावाली व अन्य देवी-देवताओं के प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा कराई गई थी। बुधवार की शाम ग्राम प्रधान ब्रह्मपाल चौहान, पूर्व प्रधान कालीचरण चौहान व अन्य ग्रामीणों को मंदिर में शेरावाली माता की प्रतिमा के खंडित होने की सूचना मिली।
इसके बाद गांव के दर्जनों ग्रामीण मंदिर में पहुंच गए। जहां पहुंचने पर उन्हें प्रतिमा का हाथ क्षतिग्रस्त मिला। इस संबंध में सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर बहादुरगढ़ थानाध्यक्ष पुलिस टीम ने साथ मौके पर पहुंच गए। जहां पुलिस टीम ने ग्रामीणों से पूछताछ करते हुए मामले की जांच की। थाना पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आया कि मंदिर के आसपास कुछ बच्चे किक्रेट व अन्य खेल खेलते हैं। संभवतः गेंद लगने से प्रतिमा खंडित हुई है। इस संबंध में ग्रामीणों से वार्ता की गई।
ग्राम प्रधान ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि बच्चों के खेल के दौरान प्रतिमा को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों के सहमति से निश्चित किया गया है कि बृहस्पतिवार को (आज) खंडित प्रतिमा को विसर्जित करा दिया जाएगा। जिसके बाद नई प्रतिमा मंगाकर शुभ मूहुर्त में दोबारा प्राण-प्रतिष्ठा कराई जाएगी।
सीओ स्तुति सिंह का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था कायम है। इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी गई है। ग्रामीणों के सहयोग से नई प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा जल्द कराई जाएगी।