साहिबाबाद। टीलामोड़ थानाक्षेत्र के रहने वाले पत्नी प्रताड़ित पति की शिकायत को जब पुलिस ने नजरंदाज किया तब उसने मदद के लिए डीएम के दफ्तर में गुहार लगाई। अपनी जान को खतरा जताते हुए पूरी कहानी डीएम को बताई और कार्रवाई की मांग की। पीड़ित निश्चल गौतम का आरोप है कि पत्नी शिल्पा ने उनके खिलाफ पहले मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद परिवार वालों के साथ दो घंटे तक बंद रखकर मारपीट की। यहां तक कि जिंदा जलाने की धमकी तक दे डाली। पुलिस ने दंपति का आपसी विवाद कहकर टाल दिया। डीएम के निर्देश पर टीलामोड़ थाने में पत्नी समेत सात लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है।
दर्ज मुकदमे में निश्चल गौतम ने बताया कि 25 फरवरी को पत्नी शिल्पा के साथ झगड़ा हुआ था। तब पत्नी ने उनके खिलाफ दिल्ली के हर्ष विहार थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। उन्होंने मामले में बयान भी दर्ज करा दिए। आरोप है कि दो मार्च की सुबह करीब 10 बजे पत्नी शिल्पा अपनी मां संजू बाला, भाई ललित व विकास, बहन पारुल, बहनोई और जीजा संदीप के साथ घर पहुंची और कमरे में बंद करके मारपीट की। करीब दो घंटे तक प्रताड़ित करते रहे और जातिसूचक गाली-गलौज करते हुए वीडियो भी रिकॉर्ड की। यहां तक कि उनके चार वर्षीय बेटे को भी मारने और खुद उन्हें जिंदा जलाने की धमकी दे डली। बताया कि सात मार्च को उन्होंने इसकी शिकायत टीलामोड़ थाने में की। पिंकबूथ पुलिस ने मामले की जांच की लेकिन बाद में चौकी प्रभारी ने आपसी विवाद बताकर मामला टाल दिया। पीड़ित ने डीएम कार्यालय में पहुंचकर जब अपनी बात रखी तब उन्होंने जान का खतरा भी जताया। एसीपी शालीमार गार्डन सलोनी अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली के हर्ष विहार निवासी शिल्पा व अन्य लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।