गाजियाबाद। 14 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी आयुष मित्तल ने पुलिस कार्रवाई को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि जांच पूरी कर चार सितंबर को आयुष मित्तल के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है। यह जानकारी मिलने के बाद आरोपी के अधिवक्ता ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। हाईकोर्ट ने याचिका वापस लिए जाने के आधार पर उसे खारिज कर दिया और उचित समय पर उचित न्यायिक मंच के समक्ष जाने की स्वतंत्रता दी।
मामला कविनगर थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता मुकेश मित्तल की ओर से विपिन कुमार, आयुष मित्तल, उसके ससुर प्रदीप गुप्ता और दो से तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दी गई थी।
शिकायत के अनुसार विपिन कुमार ने कारोबार के लिए 14 लाख रुपये उधार लिए थे। रकम को 1.5 प्रतिशत मासिक ब्याज के साथ वापस करने का आश्वासन दिया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक अलग अलग तारीखों में चेक के माध्यम से कुल 14 लाख रुपये दिए गए थे। बाद में रकम वापस मांगने को लेकर विवाद हो गया।
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद चार सितंबर 2026 को आयुष मित्तल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। पुलिस की जांच रिपोर्ट के अनुसार शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। जांच में कविनगर थाने में इस संबंध में कोई अन्य मुकदमा दर्ज होना भी नहीं पाया गया।