जीटी रोड पर दोपहर एक बजे तेज धूप में परेशान होती युवतियां। संवाद
- फोटो : विकास भवन।
गाजियाबाद। भीषण गर्मी ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिन के साथ रात में भी तापमान अधिक रहने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। उमस और गर्म हवाओं के कारण लोग बेचैनी, थकान और नींद की समस्या से जूझ रहे हैं। अस्पतालों की इमरजेंसी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे 82 मरीजों में अधिकांश गर्मी से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मिले। इनमें डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द और चक्कर आने जैसी शिकायतें प्रमुख रहीं।
जिला एमएमजी अस्पताल के फिजीशियन डॉ. संतराम वर्मा का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी का सबसे अधिक असर शरीर में पानी की कमी के रूप में सामने आ रहा है। तेज धूप और लू के कारण लोग जल्दी बीमार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि रात में भी पर्याप्त ठंडक नहीं मिलने से शरीर को आराम नहीं मिल पाता, जिससे थकान और कमजोरी बनी रहती है। अधिक से अधिक पानी पीएं। डॉ. संतराम का कहना है कि दिनचर्या और खानपान में बदलाव से स्वस्थ रह सकते हैं।
रात में कम करें मोबाइल फोन और स्क्रीन का प्रयोग
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. साकेत नाथ तिवारी का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। रात में ठीक से नींद पूरी न होने के कारण लोगों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ रहा है। कई लोग तनाव, बेचैनी और सिरदर्द की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर अधिक देखने को मिल रहा है।
डॉ. तिवारी के अनुसार मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। घर में ठंडा और शांत वातावरण बनाए रखना चाहिए। दिनभर पर्याप्त पानी पीने से शरीर और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं। योग और हल्का व्यायाम मानसिक तनाव कम करने में मदद करता है। मोबाइल और स्क्रीन का उपयोग रात में कम करना चाहिए, ताकि नींद बेहतर हो सके।