एनआरएचएम घोटाले में तत्कालीन संयुक्त सचिव समेत चार आरोपियों ने सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया है। हालांकि चारों को जमानत मिल गई है, जमानत के बदले इन्होंने घोटाले (3.33 करोड़ रुपये) की आधी रकम जमा कराई है।
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जिन आरोपियों ने सरेंडर किया, इनमें प्रदेश सरकार के पूर्व सचिव राम कुमार प्रसाद, पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. राम रतन, पूर्व रेलवे अफसर अरुण कुमार और दवा सप्लायर श्याम नारायण गुप्ता शामिल हैं।
इन्होंने डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जमा कराई है। उधर, एनआरएचएम घोटाले के एक मामले में आरोपी दवा सप्लायर रईस आलम की एनबीडब्ल्यू के खिलाफ लगाई गई अर्जी को सीबीआई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। साथ ही दोबारा से एनबीडब्ल्यू जारी कर दिए हैं। इस केस में सुनवाई के लिए कोर्ट ने 23 नवंबर की तारीख तय की है।