गाजियाबाद। कविनगर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित एलएन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में सोमवार शाम लगी आग के पीछे बर्निंग मशीन के अधिक गर्म होने की बात सामने आ रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि फैक्टरी के आसपास अतिक्रमण और कच्चा माल बिखरा होने से राहत कार्य में दिक्कत आई। केवल दो दमकल टैंकरों के खड़े होने की ही जगह उपलब्ध थी। ऊपरी मंजिल पर गत्तों, पैकिंग सामग्री और प्लास्टिक वायर के कारण आग तेजी से फैली और भारी धुआं उठता रहा। दमकलकर्मियों को मास्क लगाकर अंदर प्रवेश करना पड़ा।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल के अनुसार, संजीव सेतिया और विनय सेतिया की एलएन इलेक्ट्रॉनिक्स सहित चार फैक्ट्रियां एक ही परिसर में संचालित हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ऊपरी मंजिल पर बर्निंग मशीन के अधिक गर्म होने से गत्तों में आग लगी, जिसने तेजी से फैलकर विकराल रूप ले लिया।
आग लगने की सूचना करीब 4:07 बजे मिली, जिसके बाद चार व 12 हजार लीटर क्षमता वाले टैंकर मौके पर भेजे गए। स्थिति बिगड़ने पर 22 हजार लीटर क्षमता वाले पांच हौज टैंकर भी बुलाए गए। इसके अलावा हापुड़, बुलंदशहर और मेरठ से भी दमकल टीमें बुलाई गईं।
अलार्म बजते ही सुरक्षित निकाले गए 3241 कर्मचारी
फैक्टरी में आग ऊपरी मंजिल पर लगी, जहां लगभग 40–50 कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि पूरी यूनिट में 3241 कर्मचारी व अधिकारी मौजूद थे। अलार्म बजते ही सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते सभी को बाहर निकाल लिया। इससे बड़ी जनहानि टल गई। कंपनी में रखे केमिकल ड्रम भी समय रहते लोडर की मदद से नीचे उतार लिए गए। हालांकि आग से मशीनें, गत्ते, पैकिंग सामग्री और इलेक्ट्रिकल सामान जलकर राख हो गया। इससे करीब डेढ़ से तीन करोड़ रुपये तक के नुकसान का अनुमान है।
दो घंटे आसपास की फैक्ट्रियां कराई गईं बंद
एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य और दमकल टीम ने एहतियातन आसपास की फैक्ट्रियों को खाली कराकर कुछ समय के लिए बंद कराया। आग दीवारों के भीतर ही सीमित रही, लेकिन धुएं के कारण आसपास के क्षेत्र में लोगों को परेशानी हुई।