भूकंप के झटकों से रविवार को गाजियाबाद की बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों की सांसें अटक गईं। तीव्र झटके महसूस होते ही भगदड़ मच गई। दहशत में आए लोग सोसायटी से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र रहा। ऐसे में यहां तीव्रता कम रही।
दोपहर करीब 3.58 बजे पहली बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। घरों और दफ्तरों में कुर्सी, मेज, दरवाजे और पंखे हिलने लगे। कुछ ही सेकेंड में भूकंप थम गया। लोग कुछ समझ पाते की करीब 4.02 बजे पर दूसरी बार फिर झटके लगने शुरू हो गए।
इससे लोगों में हड़कंप मच गया और राजनगर एक्सटेंशन, क्रांसिग्स सिटी, वैशाली, इंदिरापुरम, कौशांबी की बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए। वैशाली, इंदिरापुरम के बाजारों में लोग दुकानों के शटर बंद कर सड़कों पर आ गए।
करीब 15 से 20 मिनट तक लोगों ने बाहर इंतजार किया। डर था कि फिर से भूकंप न आ जाए। इसके बाद लोग वापस घर में पहुंचे। हालांकि कहीं जान माल का नुकसान नहीं हुआ।
जर्जर फ्लैट्स में रहने वालों में दहशत
ब्रिज विहार, तुलसी निकेतन, वैशाली और न्याय खंड में बने जनता फ्लैटों की हालत जर्जर है। इन फ्लैटों में हजारों परिवार रहते हैं। फ्लैटों की दीवारें कमजोर हो चुकी हैं। भूकंप का एक तेज झटका इनके लिए खतरनाक हो सकता है।
फ्लैटों में रहने वाले लोग भूकंप के बाद दहशत में है। लोगों का कहना है कि मकान जर्जर हैं और कभी भी गिर सकते हैं। न्याय खंड में भी दो साल पहले छज्जा गिरने से कई लोग घायल हो गए थे। जीडीए इनकी मरम्मत नहीं करा रहा है।
कब-कब दिल्ली-एनसीआर भूकंप से दहला
दिनांक रिक्टर स्केल
04 जनवरी 2016 6.7
26 अक्तूबर 2015 7.5
25 अपै्रल 2015 5.0
12 नवंबर 2013 2.8
12 नवंबर 2013 2.5
10 अप्रैल 2013 3.4
17 मई 2012 3.5
02 मई 2012 3.5