गाजियाबाद। मेरठ मंडल में 108 एंबुलेंस सेवा द्वारा प्रस्तुत सात से आठ मिनट के औसत रिस्पांस टाइम पर मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे अव्यवहारिक बताते हुए रिपोर्ट को मनगढ़ंत बताया है। मेरठ मंडल की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर चर्चा की गई जहां एंबुलेंस सेवा से जुड़े आंकड़ों ने मंडलायुक्त का ध्यान खींचा।
बैठक में ईएमआरआई ग्रीन कंपनी ने बताया कि मंडल में कुल 131 एंबुलेंस संचालित हैं। नवंबर तक 27414 कॉल प्राप्त हुईं जिनमें से 25725 घटनास्थल तक एंबुलेंस भेजी गईं। मौके पर पहुंचने का औसत रिस्पांस टाइम सात से आठ मिनट दर्ज किया गया। गाजियाबाद जिले की 16 एंबुलेंस ने 3111 कॉल में से 2783 मामलों में पहुंचने का दावा किया और सात मिनट का रिस्पांस टाइम बताया। इसी तरह अन्य जिलों में भी सात मिनट का ही समय दर्ज किया गया।
मंडलायुक्त ने सभी जिलों की रिपोर्ट को अविश्वसनीय बताया। उन्होंने कहा कि जमीनी परिस्थितियों में ट्रैफिक जाम, भीड़भाड़, सड़क अवरोध और दूरी को देखते हुए सात मिनट में एंबुलेंस का किसी भी स्थान पर पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कागजों में उपलब्धियां दिखाने की जगह वास्तविक स्थिति प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि गलत आंकड़े न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई छिपाते हैं बल्कि आपातकालीन स्थितियों में सेवाओं के सुधार को भी प्रभावित करते हैं।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एंबुलेंस सेवा के प्रभारी रोचक चौहान ने कंपनी की ओर से दिए गए आंकड़ों का बचाव किया। उनका कहना है कि एंबुलेंस हॉट स्पॉट पर तैनात रहती हैं और अस्पतालों के पास खड़ी एंबुलेंस को मौके पर पहुंचने में कम समय लगता है। ऐसे में पूरे महीने का औसत समय निकाला गया है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है।
जिलावार एंबुलेंस सेवा की स्थिति इस प्रकार रही
गाजियाबाद में 16 एंबुलेंस ने 3111 में से 2783 कॉल पर सात मिनट में सेवा दी
गौतमबुद्धनगर में 14 एंबुलेंस ने 3075 कॉल पर सात मिनट में प्रतिक्रिया दी
हापुड़ में नौ एंबुलेंस ने 1687 कॉल पर सात मिनट का समय दर्ज किया
बागपत में 15 एंबुलेंस ने 2963 मामलों में सात मिनट का समय बताया
बुलंदशहर में 40 एंबुलेंस ने 8236 कॉल पर सात मिनट का समय लिया
मेरठ में 37 एंबुलेंस ने 6981 मामलों में आठ मिनट का औसत समय दर्ज किया