सबहेड- एकमुश्त समाधान योजना में अधिक बकायेदारों को फायदा पहुंचाने को जीडीए का निर्णय - प्राधिकरण स्वागत कक्ष में बनाया ऑफलाइन आवेदन का काउंटर - जीडीए के छोटे-बड़े बकायेदारों को मिलेगा लाभ माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। बकाएदारों को राहत देने वाली और प्राधिकरण की झोली भरने वाली एकमुश्त समाधान योजना में जीडीए ने आवेदकों को बड़ी राहत दी है। लॉकडाउन से पहले ही जीडीए ने संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए ओटीएस योजना के ऑनलाइन आवेदन पर रोक लगा दी थी। अब जीडीए ने राहत देते हुए ऑफलाइन आवेदन करने वालों की सुविधा के लिए प्राधिकरण में एक काउंटर खोल दिया है। ओटीएस ऑफलाइन आवेदन संबंधी यह काउंटर प्राधिकरण के स्वागत कक्ष में बनाया गया है। ऑफलाइन काउंटर खुलने से ओटीएस स्कीम में आवेदन करने वाले छोटे बकायेदारों को बड़ी राहत मिलेगी। शासन के निर्देश पर ही एकमुश्त समाधान योजना में ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया को शामिल किया गया था। शासन का तर्क था कि छोटे बकायएदार ऑनलाइन प्रक्रिया से पूरी तरह से सामंजस्य नहीं बिठा सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने ऑफलाइन के लिए विशेष काउंटर बनाया था। जो कि लॉकडाउन से कुछ दिन पहले से ही बंद था। अब ऑफलाइन काउंटर जीडीए में खुलने से छूट के साथ बकाया जमा करने की लाइन में लगे महानगर की छोटे-बड़े 8294 बकायेदारों को बड़ी राहत मिलेगी।बकाएदार प्राधिकरण परिसर के बाहर स्वागत कक्ष में एकमुश्त समाधान योजना के काउंटर पर आकर आवेदन कर सकेंगे। आवेदक उनसे योजना के आवेदन फॉर्म भरवाने के बाद जी डी कर्मचारियों की ओर से ही उसे ओटीएस की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। लॉकडाउन के कारण शासन ने योजना को बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दिया है। योजना में ऑनलाइन आवेदन का सभी बकाएदारों के पास विकल्प मौजूद है। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि एकमुश्त समाधान योजना में ऑफलाइन आवेदन करने वालों की सुविधा के लिए स्वागत कक्ष में काम कर खोला गया है। आवेदकों के पास ऑनलाइन आवेदन करने का भी विकल्प मौजूद है। --------- ब्याज में छूट लेने की कतार में शामिल है 110 माननीय एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए महानगर में 110 माननीय भी कतार में है। तमाम विधायकों को मधुबन बापूधाम योजना में भूखंडों का आवंटन हुआ था। ऐसे में अब विधायकों की ओर से भी प्राधिकरण की ओर से लगाई गई ब्याज में छूट के लिए आवेदन किया जा रहा है। ओटीएस योजना में सर्वाधिक बकायदा इंदिरापुरम क्षेत्र में है।इंदिरापुरम के 1624 बकाएदार पर जीडीए का 190 करोड़ बकाया है। फिर मधुबन बापूधाम योजना में 418 बकाएदारों पर 91 करोड़ बकाया है। ---------