संयुक्त जिला अस्पताल में फिर निमोनिया से पीड़ित एक बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए संजयनगर सेक्टर-23 पुलिस चौकी में तहरीर दी है। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
सेक्टर 23 स्थित जागृति विहार निवासी होमगार्ड और वर्तमान में डासना जेल में तैनात दीपक शर्मा ने शुक्रवार को रात साढ़े नौ बजे निमोनिया से पीड़ित अपनी डेढ़ साल की बच्ची दृष्टि को अस्पताल में भर्ती कराया था। दीपक का आरोप है कि पहले तो बच्ची को भर्ती करने में काफी लेट किया गया।
बाद में एक ड्रिप लगाई गई। ड्रिप लगने के बाद भी जब बच्ची की हालत में सुधार नहीं हुआ तो स्टाफ से शिकायत की, लेकिन ध्यान नहीं दिया। बाद में ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने इंजेक्शन लगाया उसके बाद से ही बच्ची का शरीर नीला पड़ गया और मुंह नाक से पानी आना शुरू हो गया।
परिजनों का आरोप है कि बच्ची की मरते ही अस्पताल प्रबंधन ने उसका डेथ सर्टिफिकेट तैयार कर अस्पताल से ले जाने के लिए कह दिया। मामले में परिजनों ने तहरीर दी है और बच्ची का पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
मामले में सीएमएस डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि बच्ची की हालत नाजुक थी। लापरवाही का आरोप गलत है। बता दें कि अगस्त के अंत में भी इसी अस्पताल में निमोनिया पीड़ित बच्चे की मौत हुई थी। बच्चे के परिजनों का आरोप था कि इंजेक्शन लगने के बाद ही बच्चे की मौत हुई।