गाजियाबाद। नगर निगम क्षेत्र में थमा विकास फिर शुरू होगा। कार्यकारिणी समिति से पास होने के बाद अब 5 मई को यह बजट बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद विकास कार्यों के लिए विभागों को बजट मिल जाएगा। निगम की इस बैठक में 625 करोड़ का बजट पेश किया जाएगा।
पहले यह बजट बैठक दो मई को होनी थी लेकिन महापौर ने अब इसकी तारीख में संशोधन कर 5 मई को बोर्ड बैठक बुलाई है। सदन सचिव की ओर से बैठक का एजेंडा तैयार कर पार्षदों को भेज दिया गया है।
इस बैठक में 625 करोड़ का बजट पेश कर पूरे साल भर के विकास का खाका खींचा जाएगा। निगम ने इस बार सबसे ज्यादा बजट निर्माण विभाग को देने का निर्णय लिया है। सार्वजनिक निर्माण के लिए 1.78 अरब का बजट दिया गया है।
बजट के मामले में दूसरे नंबर पर स्वास्थ्य विभाग को रखा गया है। साफ-सफाई का जिम्मा उठाने वाले स्वास्थ्य विभाग को 83.65 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। सीवरेज, पानी आपूर्ति की व्यवस्था करने वाले जलकल विभाग को इस साल 70.10 करोड़ रुपये का बजट दिया जाएगा। कुल मिलाकर वर्ष 2017-18 में नगर निगम ने 625 करोड़ रुपये खर्च करने की प्लानिंग की है। इसके सापेक्ष वर्ष भर में नगर निगम 633 करोड़ रुपये कमाई करेगा।
विकास प्रस्तावों पर भी होगा मंथन
नगर निगम की यह बोर्ड बैठक इस सदन की अंतिम बैठक हो सकती है। मई में निकाय चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में बजट बैठक में ही इस बार विकास कार्यों समेत 13 प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। इनमें मानसरोवर यात्रा विश्राम स्थल के लिए निशुल्क जमीन देने का प्रस्ताव भी शामिल है। इनके अलावा कई निजी और सामाजिक संस्थाओं को भी जमीन देने के प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे।