गाजियाबाद। शिवरात्रि के मौके पर इस बार शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए सरकारी के अलावा बाउंसर भी तैनात रहेंगे। मंदिर समिति ने इसके लिए एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी को हायर किया है। एजेंसी मंदिर परिसर में हथियारों से लैस 50 सिक्योरिटी तैनात करेगी।
पिछले दिनों में मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दो गुटों के बीच हुई लड़ाई के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। मीडिया प्रभारी सांवला राम सुथार ने बताया कि मंदिर में करीब 5 लाख भक्त शिवरात्रि के दिन जलाभिषेक करेंगे।
ऐसे में पुलिस प्रशासन के साथ ही मंदिर समिति और सिविल डिफेंस के वालंटियर्स के साथ निजी सुरक्षाकर्मी भी लगाए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस, पीएसी, रैपिड एक्शन फोर्स, सिविल डिफेंस और मंदिर समिति के करीब 400 वालंटियर्स तैनात रहेंगे।
16 सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जाएगी। मंदिर के कार्यकर्ता वायरलेस सेट से एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे। सुरक्षा में 4 इंस्पेक्टर, 42 एसआई, 30 एचसीपी, 60 हेड कांस्टेबल, 135 कांस्टेबल, और पीएसी दो कंपनी प्लाटून तैनात रहेगी।
मंदिर परिसर और इसके आस-पास के इलाकों पर इनकी पैनी नजर रखेगी। मंदिर के छत के साथ ही आस-पास के मकानों के छतों से भी सुरक्षाकर्मी निगरानी बनाए रखेंगे। मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग ने बताया कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मंदिर में भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो वालंटियर्स इसका पूरा ध्यान रखेंगे।
मुंबई से मंगाया गया ढाई फीट ऊंचा शिवलिंग
भगवान दूधेश्वर का श्रृंगार महाकाल की तरह होगा। 24 फरवरी को शाम की आरती से पूर्व दूधेश्वर की पिंडी के ऊपर ढाई फीट के अष्टधातु से बने शिवलिंग को रखा जाएगा। मुंबई में 50 दिनों में तैयार हुआ यह अष्टधातु का शिवलिंग मंगलवार को ही मंदिर लाया गया है।
24 फरवरी की शाम को आरती में इस शिवलिंग को मंदिर में पुराने पिंड के ऊपर रखा जाएगा। इसके बाद इनका भव्य श्रृंगार काजू, बादाम, इलायची और लाेंग के साथ फूलों से होगा। शाम की आरती महाकाल के रूप में तैयार शिवलिंग की होगी। आरती के बाद भगवान को 108 प्रकार के व्यंजन का भोग लगाया जाएगा।
23 की रात में मंदिर में होगा शिव विवाह
इस बार दूधेश्वरनाथ मंदिर में शिवलिंग पर सबसे पहले शिव विवाह होगा। महंत नारायण गिरी ने बताया कि मंदिर में 23 फरवरी की रात 12 बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो जाएगा और 24 फरवरी की देर रात तक चलेगा।
महंत ने बताया कि जलाभिषेक से पहले जस्सीपुरा मोड़ से मंदिर तक नंदी पर सवार शिव बारात लेकर आएंगे। उनके बाद मंदिर में शिव-विवाह का मंचन होगा। एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल, सिटी मजिस्ट्रेट बीडी सिंह और सीओ फर्स्ट इंद्रपाल सिंह ने मंदिर का निरीक्षण किया। महंत से व्यवस्था की जानकारी ली।
जलाभिषेक के लिए उपलब्ध होगा गंगाजल
मेयर अशु वर्मा और अपर नगर आयुक्त सिन्हा ने भी मंदिर का निरीक्षण किया। मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए नगर निगम द्वारा गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा। मंदिर के बाहर सड़क दुरुस्त कराई जाएगी।