गाजियाबाद। सेना की 23.70 करोड़ की जमीन बेचने के मामले में जमीन बेचने वाले का पता भी फर्जी निकला है। विक्रेता मजीद जिसने अपना पता अर्थला मोहन नगर बताया था जांच के लिए जब प्रशासन की टीम उस पते पर पहुंची तब आस-पड़ोस के लोगों ने बताया कि यह संपत्ति आरोपी काफी पहले बेच कर जा चुका है। दूसरी ओर पुलिस सभी चारों आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस ने विक्रेता खरीदार सहित दोनों गवाहों पर भी एफआईआर कराई है।
बैनामे में आरोपी मजीद ने अपना पता अर्थला मोहननगर लिखा था लेकिन जब उस पते पर प्रशासन की टीम पहुंची तब आस-पड़ोस के लोगों ने बताया कि यह इस घर को 10-15 वर्ष पहले बेचा जा चुका है। नया पता हज हाउस के पास किसी स्थान पर है। एसडीएम सदर विनय कुमार ने बताया कि जब प्रशासन की हज हाउस के पास वाले पते पर पहुंची तब वहां के लोगों ने बताया कि मजीद यहीं रहते हैं लेकिन वह जिस फैक्टरी में कार्य करते हैं वहां हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी के घर की हालत देखकर यह नहीं लगता कि वह विक्रेता को 10 करोड़ की संपत्ति बेच कर उस धन का लाभ लिया है। उन्होंने बताया कि इन संदेह के आधार पर ही आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उधर, पुलिस इस मामले में बनाए गए चारों आरोपी समीर मलिक, मजीद, ओमपाल और नीरज गर्ग की तलाश कर रही है। चारों आरोपी फरार हैं। पुलिस उनके घर और कार्यालय में दबिश दे रही है। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि मामले में तलाश जारी है। बैंक और प्रशासन से सभी साक्ष्य जुटा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने अब बैनामा खारिज की तैयारी शुरू कर दी है। बैनामा खारिज कराने के लिए अदालत में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने के लिए उपजिलाधिकारी सदर के नेतृत्व में तहसील की टीम जमीन का खसरा, खतौनी और नक्शा निकाल रही है। इसका बैनामा सदर तहसील सब रजिस्ट्रार के यहां कराया गया है। इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बैनामा खारिज कराने की प्रक्रिया चल रही है।