मथुरा। एडीजे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट द्वितीय ब्रिजेश कुमार की अदालत ने किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 11 साल व सहयोग करने वाली महिला को 7 साल कारावास की सजा सुनवाई है। साथ ही दोषी पर 80 हजार और महिला पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने घटना के 9 साल बाद अपना फैसला सुनाया है।
रिफाइनरी थाना क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय किशोरी 9 मार्च 2016 की सुबह हाईस्कूल की परीक्षा देने बलदेव क्षेत्र के एक स्कूल गई थी। परीक्षा देने के बाद किशोरी घर लौट रही थी। इस दौरान रास्ते में रिफाइनरी क्षेत्र स्थित कांशीराम काॅलोनी मोड़ पर किशोरी को एक युवक व महिला मिली और अपने साथ ले गए। किशोरी के पिता ने 13 मार्च को गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र के द्वारिका दिल्ली गेट निवासी छोटू पुत्र समसुद्दीन व सहयोगी महिला के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उसी समय पुलिस ने आरोपी व उसकी सहयोगी महिला को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था। साथ ही किशोरी के कराए चिकित्सीय परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने छोटू व उसकी सहयोगी महिला के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। शनिवार को मुकदमे की सुनवाई कर कोर्ट ने तमाम साक्ष्य और गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी ठहराया। दोनों अभियुक्त जमानत पर थे, लेकिन कोर्ट का फैसला आने के बाद दोनों का सजाई वारंट बना उन्हें जेल भेज दिया।