गाजियाबाद। नगर निगम अधिकारी कुत्तों का बधियाकरण कराने का दावा कर रहे हैं लेकिन यह दावे हवाई है। नगर निगम की महापौर की गली में भी कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। नेहरूनगर सेकंड के ए-ब्लॉक में मेयर सुनीता दयाल के घर के आसपास करीब 35-40 कुत्ते हैं। गलियों में घूमते कुत्तों के झुंड आए दिन राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। इसी वजह से इस ब्लॉक के कई प्वाइंट ऐसे हैं, जहां बच्चों ने आना-जाना बंद कर दिया है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद नगर निगम अधिकारी कुत्तों का बधियाकरण नहीं करा रहे हैं।
नेहरूनगर ए-ब्लॉक में जीडीए मार्केट के पास, रेलवे लाइन के आसपास और शिव मंदिर पार्क के पास कुत्तों के कई झुंड बन गए हैं। रेलवे लाइन के पास 10-12 खूंखार कुत्तों का झुंड राहगीरों पर रोजाना हमला करता है। कुछ लोग दौड़कर अपनी जान बचा लेते हैं लेकिन कई लोगों को यह काटकर घायल कर चुके हैं। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि इन कुत्तों को एक महिला खाना खिलाती है और अपने घर में रखती है। इसके बावजूद इन कुत्तों का न तो टीकाकरण कराया गया है और न ही नगर निगम में पंजीकरण कराया गया। इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। नगर निगम के कंट्रोल रूम पर फोन कर कई बार कुत्तों की शिकायत की जा चुकी है।
बाइकों के पीछे दौड़ते हैं कुत्ते
नेहरू नगर ए-ब्लॉक में कई कुत्ते ऐसे हैं जो बेहद खूंखार हो चुके हैं। पैदल आने-जाने वालों पर तो हमला करते ही है, बाइकों से गुजरने वाले लोगों का भी पीछा करते हैं। इनके डर की वजह से कई बाइक चालक संतुलन खोने की वजह से गिरकर घायल हो चुके हैं।
दो-तीन साल में कुत्तों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी है कि अब हर 15-20 मीटर की दूरी पर कुत्तों के एक झुंड का डेरा बन गया है। सुबह-शाम घूमने वाले लोगों पर यह झुंड हमला कर रहे हैं। नगर निगम की ओर से इन आवारा कुत्तों की नसबंदी नहीं कराई जा रही है। यही हाल रहा तो यहां रहना दूभर हो जाएगा।
- सौरभ त्यागी, नेहरूनगर निवासी
कुत्तों के बढ़ते आतंक की वजह से शाम को घूमने जाने के दौरान डंडा साथ ले जाना पड़ता है। रात को अंधेरे में छिपे कुत्ते पीछे से अचानक आकर हमला कर देते हैं। नगर निगम से शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
- सुमित भारद्वाज, नेहरू नगर निवासी