गाजियाबाद। मियाद पूरी हो चुकीं 516 कार जिले से बाहर होंगी। कार के मालिकोंं ने आरटीओ से एनओसी ले ली है। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की सख्ती के बाद आरटीओ अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने पुराने वाहनोंं के नियमानुसार चालान किए। सख्ती से परेशान होकर वाहन स्वामियों ने वर्ष के शुरूआत से पुराने वाहनोंं की एनओसी लेना शुरू किया। अभी तक 413 डीजल और 103 पेट्रोल वाहन स्वामी एनओसी ले चुके हैं। प्रदूषण व सुरक्षा के तहत एनजीटी ने एनसीआर में 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहन चलाने पर रोक लगाई हुई है। रोक के बावजूद सड़कोंं पर पुराने वाहन फर्राटा भरते देेखे जा रहे थे। पिछले दिनों प्रदूषण बढ़ने पर एनजीटी ने दोबारा सख्ती दिखाते हुए पुराने वाहनोंं पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। अधिकारियों ने लोगों को पुराने वाहनोंं की एनओसी लेने और वाहनोंं को स्क्रैप करने की सलाह दी थी। वहीं, अधिकारियों ने नियमानुसार गाजियाबाद व अन्य जिले के वाहनों के पांच हजार रुपये तक के चालान किए थे। अधिकारियों की सख्ती देखकर लोग पुराने वाहनों की एनओसी लेने को मजबूर हो गए हैं। एआरटीओ राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष के शुरूआत से वाहन स्वामियों ने एनओसी लेना शुरू कर दिया है। जिन वाहन स्वामियोंं ने एनओसी ले ली है। उनके वाहन एनसीआर से बाहर हो जाएंगे। शेष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिले में दौड़ाया वाहन तो होगा जब्त :
एआरटीओ का कहना है कि पहले विभाग पर डंपिंग यार्ड नहीं था। अब ऑफिस के पास ही डंपिंग यार्ड तैयार हो रहा है। यदि जिले में पंजीकृत 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल के वाहन सड़क पर दौड़ते पाए जाते हैं तो उन्हें डंपिंग यार्ड में भेजा जाएगा।
तीन माह में एनओसी लेने वाले वाहनों की संख्या
माह डीजल वाहन पेट्रोल वाहन
जनवरी 144 37
फरवरी 134 35
मार्च 138 31