तहसील दिवस में 170 करोड़ बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा छाया रहा। रालोद नेताओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। डीएम ने एसडीएम को मिल प्रबंधन के साथ किसानों की त्रिपक्षीय वार्ता कराने का निर्देश दिया है। रालोद कार्यकर्ता गन्ना भुगतान और अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को तहसील दिवस पर पहुंचे।
उन्होंने डीएम निधि केसरवानी को ज्ञापन सौंपा और बताया कि मोदी शुगर मिल पर किसानों का करीब 170 करोड़ रुपया बकाया है। मिल प्रबंधन द्वारा किसानों को अभी तक मात्र तीन प्रतिशत का ही भुगतान किया गया है।
उन्होंने डीएम को बताया कि बकाया भुगतान को लेकर मिल मालिक उमेश मोदी और अध्यासी फतेहबहादुर के खिलाफ कोतवाली मोदीनगर में रिपोर्ट दर्ज है, उमेश मोदी विदेश में हैं। उमेश मोदी को इंटरपोल की मदद से भारत लाया जाए, ताकि किसानों को भुगतान दिलाया जा सके।
किसान नेताओं ने मिल प्रबंधन से बैंक को ब्याज का एक करोड़ सत्तर लाख की एडवाइज जारी कराने की मांग भी की। साथ ही नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह आंदोलन करेंगे। इस पर डीएम ने एसडीएम अतुल कुमार को मिल प्रबंधन के साथ किसानों की त्रिपक्षीय वार्ता कराने का निर्देश दिया है।
रालोद नेताओं में सतेंद्र तोमर, बिट्टू खंजरपुर, अरुण दहिया, वरुण दहिया, रामभरोसे लाल मोर्य, सुखवीर सिंहर, नरेंद्र सिंह, उम्मेद सिंह, वीरसैन, और सतेंद्र आदि शामिल रहे। वहीं बकाया गन्ना भुगतान और अन्य मांगों को लेकर भाकियू कार्यकर्ता तहसील पर धरने पर बैठे। धरना उपरांत उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
धरने पर सिंटू नेहरा, सुशील त्यागी, संजीव त्यागी, रामअवतार, विजय कुमार, नरेश कुमार, कुलदीप त्यागी और ब्रजमोहन आदि शामिल रहे। इसके अलावा सुल्तानपुर निवासी विपिन ने गांव पंचायत पर श्मशान घाट के जीर्णोद्धार के लिए आंवटित की गई धनराशि का गबन करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। गांव सारा रोड वासी दुलीचंद ने सारा रोड से अतिक्रमण हटाने की मांग की। तहसील दिवस में 36 शिकायतें मिली, जिनमें मौके पर मात्र तीन शिकायतों का ही निस्तारण हो सका।