पुलिस ने बताया कि किशोरी तीन भाई और मां के साथ रहती थी। एक भाई पाक्सो एक्ट के मामले में जेल में बंद है जबकि उसके दो भाई नशा करते हैं। वह लगातार दोनों को नशा छोड़ने के लिए कह रही थी लेकिन दोनों उसकी बात नहीं सुनते थे। वह दोनों को समझाकर परेशान हो चुकी थी।
गुरुवार दोपहर किशोरी की मां दिल्ली काम करने चली गई थी। तब वह कमरे में ही थी। दोनों भाई बाहर घूम रहे थे। रात को मां घर लौटी तो उन्होंने गेट खटखटाया। काफी देर तक गेट नहीं खुलने पर उन्हें शक हुआ। पुलिस को फोन कर अनहोनी की आशंका जाहिर की। डायल-112 और थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ोसियों की मदद से दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर गई। कमरे में किशोरी पंखे से लटकी हुई थी। परिजन और पुलिस उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि कमरे में दीवार पर किशोरी ने सुसाइड नोट चिपकाया हुआ था। उसमें लिखा था कि मेरे दोनों भाई नशा करते हैं वैसे तो ये सुधरे नहीं। शायद मेरे इस कदम को उठाने के बाद दोनों नशा छोड़ देंगे। मेरे मौत का जिम्मेदार कोई नहीं है।
मां ने देरी से उठने पर लगाई थी डांट
पुलिस को मां ने बताया कि बेटी रोजाना देर रात तक जागती थी। फिर अगली सुबह देर से उठकर कमरे से बाहर आती थी। उन्होंने किशोरी को कई बार समझाया था लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद वह ड्यूटी चली गई थी। फिलहाल पुलिस को घटना में कोई शिकायत नहीं मिली है।
इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि किशोरी की मौत के मामले में कोई शिकाायत नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट होगा।