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शिक्षकों-कर्मचारियों को वेतन न देने वाले कॉलेजों की मान्यता पर खतरा

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एकेटीयू - फोटो : AMAR UJALA
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सबहेड- एकेटीयू ने शिक्षकों और कर्मचारियों की शिकायत पर लिया एक्शन, वेतन संबंधी शिकायतों का सात जुलाई तक करना है समाधान - फैकल्टी ग्रीवेंस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों पर कॉलेज नहीं ले रहे संज्ञान, समस्याओं के निस्तारण की मांगी रिपोर्ट माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना महामारी के दौर में शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन नहीं देना इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों को भारी पड़ सकता है। एकेटीयू के फैकल्टी ग्रीवेंस पोर्टल पर शिक्षकों और कर्मचारियों की वेतन संबंधी शिकायतों का निस्तारण नहीं करने को विश्वविद्यालय ने गंभीरता से लिया है। विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों के निदेशकों और प्राचार्य को चेतावनी देते हुए हर हाल में सात जुलाई तक वेतन संबंधी शिकायतों के निस्तारण के आदेश दिए हैं। विश्वविद्यालय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कर्मचारियों के साथ अध्यापकों को वेतन न दिया जाना गंभीर मामला है। इस बाबत कॉलेज जल्द कार्रवाई नहीं करते हैं तो उनकी मान्यता वापस लेने संबंधी कार्यवाई आगे बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने कॉलेजों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही की बात भी कही गई है। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थानों को वेतन से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण करने के बाद उसकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को देनी होगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव नंदलाल सिंह ने इस बाबत सभी कॉलेजों को आदेश जारी किए हैं। एकेटीयू के फैकल्टी ग्रीवेंस पोर्टल पर तमाम शिक्षकों और कर्मचारियों ने कॉलेजों द्वारा वेतन नहीं दिए जाने की शिकायत की थी। विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार सभी कॉलेजों को महीने के दूसरे सप्ताह तक हर हाल में शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करना है। अगर कोई कॉलेज वेतन देने में देरी या फिर परेशानी खड़ी करता है तो उसके खिलाफ विश्वविद्यालय के अधिनियम 26.05 (ख) के तहत कार्यवाई का प्रावधान है। ऐसे में विश्वविद्यालय नहीं इसी प्रावधान के तहत कॉलेजों को तत्काल शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने को कहा है। -------
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