बुलंदशहर। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका के तार जनपद मैनपुरी और फैजाबाद से जुड़े पाए गए हैं। जांच में उसका पता मैनपुरी का मिला है और फैजाबाद से प्रमाणत्र आदि कई सुराग हाथ लगे हैं। स्याना स्थित बैंक से भी रिकार्ड जुटा लिया है। अफसरों के अनुसार पूरी पड़ताल के बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। साथ ही रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी। पिछले दिनों खुलासा हुआ था कि विभिन्न जनपदों में नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका ने बुलंदशहर के कस्बा स्याना स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में भी फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी की थी। जब इसका पता चला तो विभागीय अफसरों ने जांच बैठा दी। जांच शुरू हुई तो पता चला कि अनामिका यहां पर वार्डन के पद पर तैनात थी और उसने वर्ष २०१८-१९ मेंं नौकरी करते हुए लगभग १.१४ लाख रुपये का वेतन भी पाया था। जब उसकी नियुक्ति पर कुछ सवाल उठने लगे तो वह इस्तीफा देकर चली गई थी। यह मामला उस समय कुछ दवाबों के चलते भी दब गया था। पूरे मामले में जांच हुई तो जिले में भी शिक्षिका का फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आया। जिसके जांच में अब धीरे-धीरे फर्जीवाड़ा खुलता जा रहा है। अफसर बता रहे हैं कि उसका पता मैनपुरी जिले का है जबकि दस्तावेज फैजाबाद जनपद से संबंधित हैं। वह शिक्षिका कभी अपना पर्सलन नंबर यूज नहीं करती थी। विभाग की तरफ से जो सीयूजी नंबर मिला हुआ था वह उससे ही बात करती थी। वहीं, दूसरी ओर जब रिकार्ड में मिली धुंधली फोटो के संबंध में स्याना स्थित उस बैंक से भी रिकार्ड जुटा लिया है, जिसमें उसका एकाउंट नंबर था। बताया जा रहा है कि बैंक में जो आधार कार्ड लगाया है उसमें भी मैनपुरी जिले के का पता डला हुआ है। बताया गया कि मैनपुरी में भी एक फर्जी शिक्षिका पकड़ी गई है। ऐसे में स्याना में नौकरी करने वाली अनामिका नाम की शिक्षिका के मैनपुरी से तार सबसे ज्यादा जुड़े हुए नजर आ रहे हैं। अब विभागीय अफसरों ने पूरी सच्चाई का पता करने के लिए जांच को और बढ़ाते हुए तेज कर दिया है। बड़ी सूझबूझ से की थी नौकरी अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका द्वारा स्याना में नौकरी किए जाने के मामले में जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ हे कि वह बड़ी सूझबूझ से नौकरी करती थी। उसने कभी अपना पर्सनल फोन नंबर का यूज नहीं किया। यदि करती भी होगी तो किसी को अपना पर्सनल नंबर भी नहीं दिया। जब भी वह बात करती थी तो विभाग के सीयूजी नंबर का ही प्रयोग करती थी। चर्चा है कि यदि वह उस समय शायद अपना पर्सनल मोबाइल नंबर यूज करती या फिर किसी को नंबर देती तो उसे आसानी से ट्रेस किया जा सकता था। लेकिन अभी उसे ट्रेस करने में जांच टीम के साथ विभागीय अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। कोट अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका के मामले में अभी जांच चल रही है। शिक्षिका के प्रमाण पत्र संदिग्ध हैं। जांच रिपोर्ट में अभी कुछ तथ्य सामने आए हैं। शिक्षिका का बैंक रिकार्ड खंगाला जा रहा है। उसके आधार पर मैनपुरी जिले का पता है। फैजाबाद जिले के शिक्षिका के प्रमाण पत्र हैं। - अखंड प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुलंदशहर