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टैक्स में छूट, कूड़ा कलेक्शन के प्रस्तावों पर आज लगेगी मुहर

Fri, 18 Mar 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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नगर निगम की बोर्ड बैठक आज - फोटो : अमर उजाला
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हाउस टैक्स में लोगों को 31 मार्च तक छूट मिल पाएगी या नहीं शुक्रवार को इसका फैसला हो जाएगा। नगर निगम की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मंथन होगा। हालांकि अधिकांश पार्षद और मेयर छूट दिए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन अधिकारी इसमें तकनीकी पेंच बता रहे हैं।
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इसके अलावा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, शहर भर में वाटर एटीएम लगाने, शहर को पॉलिथीन मुक्त बनाने के प्रस्ताव समेत कुल 22 प्रस्तावों पर चर्चा होगी। दो दिन पहले ही निगम ने पार्षदों को बैठक का एजेंडा जारी कर दिया गया था।

सुबह 11 बजे मेयर अशु वर्मा की अध्यक्षता में शुरू होने वाली इस बोर्ड बैठक में नवंबर 2015 में हुई बोर्ड बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि के बाद सबसे पहला प्रस्ताव हाउस टैक्स छूट का ही रखा गया है। इसके अलावा शहर में आरओ फिल्टर्ड पानी के लिए वाटर एटीएम लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।
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लोगों को साफ पानी मुहैया कराने का वादा मेयर अशु वर्मा चुनाव के दौरान भी जनता से कर चुके हैं। बोर्ड बैठक में सभी जोन की टूटी सड़कों पर पैचवर्क कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है। हाल ही में प्रदेश में पॉलिथीन बैन के आदेश को शहर में सख्ती से लागू करने के लिए निगम सदन में भी चर्चा की जाएगी।

इसके अलावा निगम के सभी जोन में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना लागू करने, तालाबों की सफाई, साईं उपवन व ईको पार्क में पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग और सिंचाई व्यवस्था कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है। शहर में सीवर, सड़क, नाली निर्माण के प्रस्तावों पर भी पार्षद चर्चा करेंगे। हालांकि माना जा रहा है कि विकास कार्यों के प्रस्तावों पर विरोध नहीं होगा।

कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव वैध कराने की तैयारी
नगर निगम की कार्यकारिणी समिति के छह सदस्यों का पूर्व में हुए चुनाव पर अब निगम बोर्ड से वैधता की मुहर लगवाने का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। भाजपा के दो पार्षद राजेंद्र त्यागी और मोनिका मित्तल ही मेयर की गैर मौजूदगी में हुई दो बैठक को अवैध बता चुके हैं। इतना ही नहीं कोर्ट ने भी इन बैठकों को वैध नहीं माना है।

ऐसे में इनमें से एक बैठक में हुए कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव को भी अवैध माना गया था। अब भाजपा ही इस चुनाव पर वैधता की मुहर लगवाने का प्रयास कर रही है। यानी भाजपा ने इस मुद्दे पर दोहरी राजनीति करने की तैयारी कर ली है। जबकि इन्हीं बैठकों में पास हुए अन्य प्रस्तावों को निगम अधिकारियों ने अब शुक्रवार को होने वाली बोर्ड बैठक में दोबारा रखा है।
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