मुरादनगर। नगर पालिका की लापरवाही के कारण नगर के सरना चौपला और आसपास के इलाकों में पिछले एक सप्ताह से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। नलों में पानी न आने से करीब ढाई हजार की आबादी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशान है।
सरना वाली गली, तकिया वाली मस्जिद के पास, सरना चौपला, छीतरा बस्ती और आसपास की कॉलोनियों में सात दिन से नियमित जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। इससे घरों में पीने, भोजन बनाने और सफाई जैसे दैनिक कार्यों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
क्षेत्र निवासी डॉ. फहीम सैफी, योगेश, गुलफाम, शौकीन, अबरार, फूलमिर्जा, अनिता और बबली शर्मा का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका में शिकायत की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। जलापूर्ति बंद होने की कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी गई। मजबूरी में लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। नगर पालिका की ओर से सुबह और शाम एक-एक टैंकर भेजा जा रहा है, लेकिन वह भी ढाई हजार की आबादी के लिए नाकाफी साबित हो रहा है। टैंकर पहुंचते ही पानी भरने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग जाती हैं और कई बार धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते पाइपलाइन या जलापूर्ति व्यवस्था की मरम्मत कर दी जाती तो इतनी बड़ी आबादी को संकट का सामना नहीं करना पड़ता। लगातार एक सप्ताह से चली आ रही इस स्थिति से लोग आक्रोशित हैं। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे नगर पालिका कार्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में पाइप लाइन जोड़ने का कार्य चल रहा है। अभी कॉलोनी में टैंकर द्वारा पानी की आपूर्ति की जा रही है। पाइप लाइन जोड़ने का कार्य जल्द पूरा हो जाएगा, इसके उपरांत लोगों के घरों में पानी आना शुरू हो जाएगा।