गाजियाबाद। बिजली मीटर से छेड़छाड़ करने वाले अब फौरन पावर कारपोरेशन की पकड़ में आ सकेंगे। ‘टेंपर प्रूफ स्मार्ट मीटर विद पावर थेफ्ट डिटेक्शन सिस्टम’ मीटर में गड़बड़ी कर बिजली चोरी पर पूरी तरह से रोक लगा देगा।
मीटर का बॉक्स खोलने, चिप लगाने या फिर बाइपासिंग तकनीक के जरिए मीटर खोलने या छेड़छाड़ का प्रयास करते ही एक एसएमएस पावर कारपोरेशन अधिकारियों के पास पहुंच जाएगा।
एसएमएस सेंड होने के साथ ही उस घर की बिजली सप्लाई भी बंद हो जाएगी। फिर मीटर सीरियल नंबर, एंड्रेस के जरिए विभागीय अधिकारी आसानी से उस घर को चिह्नित कर कार्रवाई कर सकेंगे।
टेंपर प्रूफ स्मार्ट मीटर का आविष्कार संस्कार संस्थान में बीटेक सीएस सेकेंड ईयर के छात्र पवन कुमार और आईपी विवि के बीटेक चतुर्थ वर्ष के छात्र अनीश ने किया है। पवन और अनीश ने बताया कि बिजली विभाग के आंकड़ों के हिसाब से ही हर साल करीब 30 फीसदी बिजली चोरी मीटर में छेड़छाड़ करके होती है। इससे हर साल सरकार और विभाग को करीब 30 हजार करोड़ का नुकसान होता है। लेकिन स्मार्ट बिजली मीटर से मीटर से होने वाली बिजली चोरी पर पूर्णरूप से रोक लग जाएगी।
कई सेंसर और जीएसएम मॉड्यूल पर करता है काम
पवन कुमार और अनीश ने बताया कि उन्होंने यह प्रोजेक्ट केवल एक माह की कड़ी मेहनत से तैयार किया है। स्मार्ट मीटर में मैग्नेटिक और आईआर सेंसर के अलावा इसमें जीएसएम मॉड्यूल लगाया गया है। वहीं, रैना क्लासेज के निदेशक व छात्रों के मेंटर दिनेश रैना ने कहा कि पावर कारपोरेशन व विभिन्न स्तर पर प्रेजेंटेशन देकर प्रोजेक्ट को रजिस्टर्ड कराने के प्रयास किए जाएंगे।
स्मार्ट डस्टबिन बनाकर दिखायी थी प्रतिभा
बीटेक के छात्र पवन कुमार ने स्मार्ट मीटर से पहले स्मार्ट डस्टबिन और टी-शर्ट से फोन चार्ज करने वाला प्रोजेक्ट बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई थी। स्मार्ट डस्टबिन के प्रोजेक्ट में डस्टबिन भरने पर भी लोगों के पास एसएमएस पहुंचने की सुविधा थी। प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन पवन ने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के सामने किया था। उन्होंने उससे प्रोजेक्ट को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया था।