रेलवे स्टेशन पर आतंक मचाते बंदरों ने एक बुजुर्ग की यात्रा कैंसल करा दी। बंदरों ने बुजुर्ग का चश्मा उतार लिया। लोगों ने चश्मा बंदरों के कब्जे से छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन वह भाग गए। काफी देर तक प्रयास के बावजूद चश्मा वापस न मिला तो मजबूरी में बुजुर्ग को दिल्ली की यात्रा रद्द करनी पड़ी।
कविनगर एच ब्लाक निवासी जेएन पुरी (78) इनकम टैक्स के इंस्पेक्टर पद से रिटायर हैं। शनिवार को वह नई दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। उन्हें 12:30 बजे ईएमयू पकड़नी थी। प्लेटफार्म तक जाने के लिए वह फुट ओवर ब्रिज पर पहुंचे तो वहां बंदरों का झुंड बैठा था।
पुरी ने बताया कि एक बंदर ने उनके कंधे पर बैठकर चश्मा उतार लिया। जब तक वह कुछ समझ पाते बंदर चश्मा लेकर ओवर ब्रिज की रेलिंग पर जा बैठा। शोर मचाने पर लोग उनकी मदद के लिए दौड़े, लेकिन बंदरों ने चश्मा नहीं छोड़ा। उन्होंने बताया कि बिना चश्मे उन्हें साफ दिखाई नहीं देता।
बंदरों को नहीं पकड़वा रहे अफसर
रेलवे स्टेशन पर बंदरों का आतंक इस कदर है कि पॉलिथीन लेकर या खाद्य पदार्थ रास्ते में ही छीन लेते हैं। सैकड़ों बार लोगों पर हमला कर चुके हैं। परेशान लोग स्टेशन पर अधिकारियों से कई बार इसकी शिकायत कर बंदरों पर अंकुश लगाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अफसर इन शिकायतों को अनसुना कर देते हैं।
पहले भी हमला कर चुके बंदर
तीन माह पहले रेलवे की महिला क्लर्क से टिकट रोल छीना
मार्च में बंदरों ने युवती से स्मार्ट फोन छीना
जनवरी में एक बीमार व्यक्ति से दवाओं की पॉलिथीन छीनी
बीते साल प्लेटफार्म नंबर-3 पर करीब छह साल की बच्ची पर हमला किया
बीते साल करंट से बच्चा मरने पर बंदरों ने स्टेशन पर यात्रियों को दौड़ाया
करीब दो साल पूर्व बंदरों ने महिला से पर्स छीनकर नोट बिखेरे