बुलंदशहर। जिले में डिप्थीरिया का एक संदिग्ध मरीज मिला है। चार साल के बच्चे में डिप्थीरिया के लक्षण मिलने पर जिले के स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक उपचार कर बुधवार को दिल्ली रेफर कर दिया। साथ ही डिप्थीरिया की पुष्टि के लिए बच्चे का सैंपल लेकर बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ लैब भेजा गया। अगर बच्चे में डिप्थीरिया की पुष्टि होती है तो यह इस वर्ष का पहला मामला होगा।
नगर के चार यार रोड निवासी अब्दुल मजदूरी का कार्य करता है। अब्दुल की पत्नी ने नवंबर 2020 में एक पुत्र इलियास को जन्म दिया। पिछले कई दिनों से बच्चे के गले में सूजन, सफेद रंग की झिल्ली बनी होना, आवाज बदल जाने की समस्या के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
परिजनों ने उसे नगर के एक निजी चिकित्सक को दिखाया। बच्चे में डिप्थीरिया के लक्षण महसूस होने पर निजी चिकित्सक ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। इसके बाद टीम ने जांच पड़ताल शुरू कर बच्चे को जिला चिकित्सालय लाकर भर्ती कराया। साथ ही प्राथमिक उपचार कर एडीएस लगवाई गई। बच्चे की हालत में सुधार न होने पर बुधवार को दिल्ली महर्षि वाल्मिकी एमवीआई रेफर कर दिया। रेफर से पूर्व बच्चे में डिप्थीरिया की पुष्टि के लिए सैंपल लेकर बृहस्पतिवार को जिले के स्वास्थ्य विभाग ने चंडीगढ़ लैब में जांच को भेजा गया है।
16 माह वाला नहीं लगवाया डीपीटी बूस्टर
स्वास्थ्य विभाग की अभी तक की जांच में बच्चे को 16 माह पर लगने वाला डीपीटी बूस्टर न लगे होने की सूचना मिली है। परिजनों ने बच्चे को शेष सभी टीके लगवा लिए। लेकिन किसी कारण 16 माह पर लगने वाला डीपीटी बूस्टर नहीं लगवा पाए। संभावना है इसी के चलते बच्चे में यह समस्या बनी है। बच्चे को खांसी के साथ टांसिल और गले में सूजन थी। विभागीय अफसरों के अनुसार खुर्जा ब्लॉक क्षेत्र में पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 15 डिप्थीरिया के केस मिले थे।
छूटे बच्चों को अभियान चलाकर लगवाया जा रहा टीका
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. हरेंद्र बंसल ने बताया कि काफी बच्चे नियमित टीकाकरण से छूट जाते है। ऐसे बच्चों को डिप्थीरिया से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चला टीका लगाया जाता है। पिछले वर्ष भी टीकाकरण से छूटे बच्चों को टीका लगाने के लिए अभियान चला टीका लगवाया गया। कुछ लोगों ने विरोध भी किया। कहा कि पांच वर्ष की उम्र के ऐसे बच्चे, जिनका पूर्व में किसी भी कारण से डीपीटी का टीका लगने से छूट गया एवं 10 वर्ष व 16 वर्ष की आयु पर लगने वाले टीडी के टीके से छूटे बच्चों का परिजन टीकाकरण जरूर करवाएं।
एक बच्चा डिप्थीरिया संदिग्ध मिला है। बच्चे को इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया। साथ ही डिप्थीरिया की पुष्टि के लिए सैंपल लेकर चंडीगढ़ लैब भेजा गया है। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ