बुलंदशहर। स्याना हिंसा और इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने ऐतिहासिक फैैसला सुनाया। वहीं अदालत में सुनवाई के दौरान सुमित की मौत का राज भी बाहर आया। एसआईटी प्रभारी ने न्यायालय के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता के साथ हुई जिरह में यह साफ किया था कि इंस्पेक्टर सुबोध द्वारा चलाई गई निजी पिस्टल के गोली लगने से सुमित की जान गई। जबकि इस प्रकरण में सुमित के पिता ने हत्या का मामला दर्ज कराया था लेकिन विवेचनाधिकारी ने उक्त मामले को भी इसी में संलग्न करते हुए सुमित की मौत को आत्मरक्षार्थ चलाई गई गोली से होना पेश कर दिया। इंस्पेक्टर की हत्या और स्याना हिंसा मामले में शुक्रवार को फैसला आने के बाद सभी यह जानने के लिए उत्सुक थे कि हिंसा और इंस्पेक्टर की हत्या का तो पुलिस ने राजफाश कर दिया और अभियुक्तों को सजा दिला दी। लेकिन उसी हिंसा के दौरान गोली लगने से जान गवाने वाले सुमित की मौत के मामले में क्या हुआ? खुद सुमित के परिजन भी इस सवाल का जवाब ढूंढते दिख रहे हैं। उनको बस इतनी जानकारी है कि उन्होंने बेटे की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन उसमें कोई कार्रवाई न करके पुलिस ने उस मुकदमे को स्याना हिंसा वाले प्रकरण में ही शामिल कर दिया। वहीं अब आदेश में सुमित की मौत का राज भी खुलता दिख रहा है। दोषसिद्ध अभियुक्त योगेश राज, सोनू, चमन, देवेंद्र, आशीष चौहान, सतेंद्र, सौरभ व पायल के अधिवक्ता ब्रूनो भूषण ने एसआईटी प्रभारी से सवाल किया था कि आपकी विवेचना के अनुसार सुमित की मौत किस व्यक्ति द्वारा की गई? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मृतक इंस्पेक्टर सुबोध के द्वारा जो उपद्रवियों के सबसे आगे चलकर नेतृत्व कर रहे सुमित व अन्य के द्वारा लगातार उनको पथराव व फायरिंग की घटना की जा रही थी जिसके बाद सुबोध ने सभी को भाग जाने के लिए चेतावनी दी और उसके बाद अपने बचाव में एक गोली चलाई थी जो आगे चल रहे सुमित को लगी थी।
-अर्थदंड का 80 प्रतिशत दिया जाएगा इंस्पेक्टर सुबोध के परिजनों को
न्यायालय ने इस मामले में हत्या के पांच दोषियों को आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर कुल 32,200 रुपये का अर्थदंड लगाया। जबकि शेष 33 दोषियों में प्रत्येक पर 8200 रुपये का अर्थदंड लगाया है। यानि कुल 38 आरोपियों पर न्यायालय की ओर से करीब 4.31 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जिसमें से 80 प्रतिशत राशि मृतक इंस्पेक्टर सुबोध के परिजनों को देने का आदेश भी सुनाया गया है।