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पिछड़ों की गणना को प्रदेश में फिर होगा रैपिड सर्वे, बदलेगा वार्ड आरक्षण

Tue, 20 Jun 2017 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
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सर्वे करते आम आदमी पार्टी के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। प्रदेश की योगी सरकार की निर्धारित समय पर नगर निकाय चुनाव कराने की तैयारी धराशायी हो गई। प्रदेश में नगर निकायों में वार्डों का आरक्षण तय करने के लिए कराए गए सर्वे की रिपोर्ट प्रदेश सरकार को डेढ़ महीने बाद ही निरस्त करनी पड़ी।
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त्रुटियों की भरमार के चलते नगर विकास विभाग ने रैपिड सर्वे को दोबारा कराने का फरमान प्रदेश के सभी डीएम और नगरायुक्तों को जारी किया है। अब पिछड़ा वर्ग की आबादी की गणना के लिए शहर में फिर से रैपिड सर्वे होगा।

पिछड़ा वर्ग की आबादी के आंकड़े बदलने से अब वार्डों का आरक्षण भी बदल जाएगा। हालांकि वार्ड परिसीमन पर इसका असर नहीं पड़ेगा। वार्डों का आरक्षण तय करने के लिए शासन के पास 2011 की जनगणना के एससी-एसटी वर्ग की आबादी के आंकड़े तो हैं, लेकिन पिछड़ा वर्ग के आंकड़े नहीं हैं।
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नगर विकास विभाग ने अप्रैल महीने में पिछड़ा वर्ग की आबादी के आंकड़े जुटाने को गाजियाबाद समेत प्रदेश भर के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में रैपिड सर्वे कराया था। इसके आधार पर वार्डों का आरक्षण भी तय कर दिया गया था।

पिछड़ा वर्ग की गणना पर मौजूदा पार्षदों और संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं। आरोप लगे थे कि आनन-फानन में नगर निगम कर्मचारियों ने बिना फील्ड सर्वे के ही आंकड़े तैयार कर दिए।

पिछड़ा वर्ग की आबादी दर्शायी गई आबादी से कहीं ज्यादा थी। ऐसी शिकायतें सिर्फ गाजियाबाद से ही नहीं यूपी के अन्य नगर निगमों से भी शासन के पास पहुंची थी। अब नगर विकास विभाग ने पुराने सर्वे को निरस्त कर दिया है।

ऐसे में गाजियाबाद के 100 में से 25 वार्डों के आरक्षण में बदलाव हो सकता है। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने सभी डीएम और नगर आयुक्त को आदेश जारी कर दोबारा रैपिड सर्वे कराने को कहा है। रैपिड सर्वे 45 दिन में पूरा करना होगा।

सर्वे के आंकड़ों को इस बार क्रास चेक कराया जाएगा। सर्वे के लिए नियुक्त किए जाने वाले क्षेत्रीय अधिकारी 5 फीसदी और प्रभारी अधिकारी एक फीसदी आंकड़ों की रेंडम चेकिंग करेंगे। गाजियाबाद नगर निगम के नगरायुक्त चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि रैपिड सर्वे की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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