नोटबंदी के बाद कैश का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बीते शनिवार को महानगर के 25 एटीएम की पड़ताल करने पर केवल एक एटीएम में कैश मिला। रविवार को हालत तो उससे भी ज्यादा खराब रहे। महानगर के प्रमुख बाजारों, कालोनियों के साथ हाइवे किनारे के एटीएम कैश से खाली रहे।
आम दिनों में जिन सरकारी बैंकों में लोगों की लंबी कतारें लगी दिखाई दे रहीं थीं, वहीं रविवार को उन एटीएम के शटर भी दिन भर बंद रहे। कैश की टेंशन में दिन भर लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर काटते दिखे।
कैश की परेशानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोग खाली एटीएम में सुरक्षा गार्ड की ओर से कैश खत्म होने की बात बताने के बावजूद प्रयास करते दिखे। महानगर नवयुग मार्केट में एसबीआई, सिंडिकेट बैंक, पीएनबी, इलाहाबाद, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया सहित बाकी बैंकों के एटीएम में कैश नहीं था।
आरडीसी स्थित एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, करूर वैश्य बैंक, कॅथलिक सीरियन बैंक, एसबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक के शटर बंद रहे वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, पीएनबी के एटीएम में कैश नहीं था।
यही हाल अंबेडकर रोड स्थित एक्सिस, एचडीएफसी, सिटी बैंक, तुराबनगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, जीटी रोड, नेहरू नगर, गांधीनगर, कविनगर, शास्त्रीनगर, संजयनगर सहित लाइनपार क्षेत्र में कई बैंकों के एटीएम या तो खाली रहे या फिर उनका शटर गिरा रहा।
कहां से दें किराया, कैसे चलाएं घर खर्च
1. मालीवाड़ा में रहने वाले बॉबी सैनी ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे से दो दो बजे तक 15 से ज्यादा एटीएम के चक्कर लगाए हैं। मगर कैश नहीं मिला। अब तो घर खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
2. लक्ष्मी विहार निवासी सुनील कुमार ने कहा कि शनिवार की रात कैश के लिए एक बजे तक विभिन्न एटीएम के चक्कर काटे। रविवार को भी तीन घंटे खराब करने के बाद निराशा हाथ लगी।
3. गोविंदपुरम निवासी सतेंद्र कुमार ने कहा कि कैश की कमी ने परेशानी बढ़ा रखी है। बैंक में कैश नहीं मिल रहा है। अब एटीएम में भी नकदी गायब है। कैसे किराया भरें और घर खर्च चलाएं।
4. मालीवाड़ा निवासी सीताराम ने कहा कि नोट बंदी के तीन सप्ताह बाद हालात और खराब हो गए हैं। बैंक कैश नहीं होने से हाथ खड़े कर रहे हैं। एटीएम में भी कैश नहीं मिलने से परेशानी दोगुनी हो गई है।
आवेदन के बावजूद नहीं मिल रही स्वाइप मशीनें
नोटबंदी के बाद छोटे व्यापारियों पर दोगुनी मार पड़ रही है। नकदी के साथ खुले पैसे की कमी के चलते लोग कैश लेस ट्रांजेक्शन की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन स्वाइप मशीन की कमी से कैश लेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की मुहिम पर ही सवाल उठ रहे हैं।
नवयुग मार्केट स्थित सैलून संचालक रवि ने बताया कि नोटबंदी होने के पांच दिन बाद उन्होंने स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक मशीन उन्हें नहीं मिली है। शास्त्रीनगर में कंप्यूटर हार्डवेयर व मोबाइल एसेसरीज की दुकान चलाने वाले मुकेश ने बताया कि कई बार बैंक के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन स्वाइप मशीन नहीं होने का हवाला देकर लौटा दिया जाता है।
पहले से ही व्यापार में 40 फीसदी की गिरावट आ गई है, खुले पैसे नहीं होने के कारण ग्राहकों को लौटाना पड़ रहा है। दूसरी ओर एक बैंक अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद से अब तक 15220 स्वाइप मशीनों के आवेदन आ चुके हैं। इससे पहले तकरीबन साढ़े तीन हजार स्वाइप मशीनें पूरे गाजियाबाद में चल रही थीं।
सोमवार को बैंकों में रहेगी जबरदस्त मारामारी
कैश के लिए सोमवार को बैंकों में मारामारी रहने की संभावना बढ़ गई है। बीते दो दिनों से बैंकों में कैश नहीं होने और एटीएम खाली होने से लोग खासे परेशान हैं। अब सोमवार को लोगों की भीड़ उमड़ने से समस्या और प्रबल हो सकती है।