गर्म हवाओं का कहर, गई 300 की जान
- फोटो : PTI
चिलचिलाती गर्मी की वजह से इलेक्ट्रोलाइट इमबैलेंस की शिकायत बढ़ गई है। इससे पीड़ित व्यक्ति की कार्य क्षमता 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो जाती है। शरीर में ग्लूकोज की कमी के कारण थकान, सुस्ती सहित अन्य परेशानियां भी होती हैं।
एमएमजी और संयुक्त जिला अस्पताल में इलेक्ट्रोलाइट इमबैलेंस के काफी मरीज पहुंच रहे हैं। डायरिया, उल्टी, अधिक पसीना निकलना, हीट स्ट्रोक से पीड़ितों में इलेक्ट्रोलाइट इमबैलेंस की शिकायत बढ़ जाती है।
पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की वजह से ऐसी स्थिति पैदा हुई है। चिकित्सकों की मानें तो शरीर में ग्लूकोज की कमी से व्यक्ति की जान भी जा सकती है। एमएमजी के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से इलेक्ट्रोलाइट इमबैलेंस के काफी मरीज उनके पास आ रहे हैं जिसमें बच्चों की संख्या सबसे अधिक है।