सपा के वरिष्ठ नेता सुधन रावत को पार्टी हाईकमान ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों के चलते उन पर यह कार्रवाई की गई है। अटकलें चल रही हैं कि सुधन रावत जल्द ही बसपा का दामन थाम सकते हैं।
चार साल पहले सपा में शामिल हुए सुधन रावत वर्ष 2012 में सपा के समर्थन से गाजियाबाद में मेयर का चुनाव लड़े थे। वह दूसरे नंबर पर रहे थे। इसके बाद 2014 में उन्होंने पार्टी के सिंबल पर गाजियाबाद से सांसद का और हाल ही में सपा के टिकट पर गाजियाबाद से मेयर उपचुनाव लड़ा था। इसमें भी वह दूसरे नंबर पर रहे थे। काफी दिनों से उनके बसपा में जाने की चर्चाएं चल रहीं थी।
अटकलें यह भी चल रहीं हैं कि बसपा से उन्हें मुरादनगर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया जा सकता है। इसकी शिकायत पार्टी हाईकमान तक पहुंच गई थी। पार्टी ने इस पर संज्ञान लेते हुए बुधवार को उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। सपा महानगर अध्यक्ष संजय यादव का कहना है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उनका निष्कासन किया गया है।
उधर, सुधन रावत का कहना है कि पार्टी की ओर से उन्हें अभी कोई लैटर नहीं मिला है। उन्हें मीडिया से ही निष्कासन की जानकारी मिली है। उन्होंने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप को भी खारिज किया है। हालांकि बसपा में जाने की बात वह टाल गए। उन्होंने कहा कि अभी ऐसा इरादा नहीं है।