गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने घटिया गुणवत्ता की काली मिर्च को गोंद, मैदा और रिफाइंड तेल की मदद से अच्छी गुणवत्ता वाली दिखने वाली काली मिर्च में बदलने के कारखाने का खुलासा किया है।
गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने घटिया गुणवत्ता की काली मिर्च को गोंद, मैदा और रिफाइंड तेल की मदद से अच्छी गुणवत्ता वाली दिखने वाली काली मिर्च में बदलने के कारखाने का खुलासा किया है। टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में कच्चा और तैयार माल समेत अन्य सामग्री बरामद कर जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 13.34 लाख रुपये बताई गई है।
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अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान केहर फार्म हाउस, सेवाधाम, बेहटा, हाजीपुर में काली मिर्च तैयार करने का काम होता मिला। मौके से बुद्ध विहार, दिल्ली निवासी कारोबारी लोकेश गुप्ता का नाम सामने आया है। जांच में पता चला कि छोटे दानों वाली काली मिर्च को मैदा और गोंद की मदद से बड़े आकार का रूप दिया जा रहा था। इसके बाद रिफाइंड सोयाबीन तेल का इस्तेमाल कर दानों में चमक बढ़ाई जाती थी, जिससे तैयार काली मिर्च देखने में बेहतर गुणवत्ता वाली लगे।
टीम ने मौके से 3000 किलोग्राम मैदा, 900 किलोग्राम गोंद, 1200 किलोग्राम कच्ची काली मिर्च और 975 किलोग्राम तैयार काली मिर्च बरामद की। इसके अलावा 15-15 किलोग्राम के 15 टिन रिफाइंड सोयाबीन तेल भी मिला। अधिकारियों ने सभी सामग्री को जब्त कर लिया है। मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।