पीड़ित पिता प्रवीन के अनुसार, घायल छात्र को तुरंत कविनगर स्थित मानव अस्पताल ले जाया गया। परिजनों को उम्मीद थी कि समय के साथ आंख ठीक हो जाएगी, इसलिए उन्होंने तुरंत कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। लेकिन लंबा उपचार चलने के बाद अब चिकित्सकों ने पुष्टि कर दी है कि छात्र की दाईं आंख की रोशनी पूरी तरह और स्थायी रूप से समाप्त हो चुकी है।
पुलिस को दी गई शिकायत में छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने इस संबंध में स्कूल प्रशासन से बात की, तो स्कूल मालिक और प्रधानाध्यापक ने सहानुभूति जताने के बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि प्रबंधन की ओर से कहा गया, "चाहे तुम्हारे लड़के की दोनों आंख खराब हो जाएं, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।"
पीड़ित पिता प्रवीन ने 12 फरवरी को पुलिस आयुक्त और अन्य उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा था। छात्र वंश के पिता प्रवीन ने दोषी शिक्षिका, प्रधानाध्यापक और स्कूल मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि छात्र वंश के पिता प्रवीन निवासी ग्राम महरौली की दी तहरीर के आधार पर श्री गिरधारीलाल पब्लिक स्कूल की आरोपी शिक्षिका अर्चना, प्रधानाध्यापक व विधालय मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जांच-पड़ताल करके वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।