हापुड़। बुखार से गांव अयादनगर दक्षिणी में 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। चार दिन से उसे बुखार था, अलग-अलग अस्पतालों में उपचार से स्वास्थ्य लाभ नहीं मिला। बुखार से निजी अस्पतालों के वार्ड भी फुल होने लगे हैं, लीवर और गुर्दों पर बुखार का असर है।
अयादनगर दक्षिणी निवासी 13 वर्षीय इशिका पुत्री सोहनपाल को चार दिन पहले बुखार हुआ था। परिजनों ने उसे गांव में ही दवा दिला दी। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इस पर किशोरी को हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, वहां भी आराम नहीं लगने पर दूसरे अस्पताल ले जाया गया।
लेकिन हालत सुधरने के बावजूद बिगड़ती ही चली गई। इशिका कक्षा 9वीं की छात्रा थी। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। इससे पूर्व भी एक युवक की मौत बुखार से हो चुकी है। सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है, टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी।
उधर, जिले के निजी अस्पतालों के वार्ड भी अब फुल होने लगे हैं। इन अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीज सबसे अधिक हैं। हालांकि कुछ मरीजों को डेंगू बताकर भी उपचार किया जा रहा है। लेकिन रिपोर्ट में आंशिक असर लिखा या फिर अन्य बुखार की पुष्टि की हुई है।
-बच्चों के लीवर पर बुरा असर-
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय ने बताया कि बुखार की चपेट में आए बच्चों के लीवर पर असर पड़ रहा है। शुरूआत में ही बच्चे का अच्छे चिकित्सक से परामर्श दिलाएं, झोलाछापों से उपचार जानलेवा हो सकता है। ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं।
-त्वचा और हड्डी रोग बढ़ा-
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में फंगल इंफेक्शन के साथ कई अन्य चर्म रोग बढ़ रहे हैं। वहीं, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरडी शर्मा ने बताया कि इस मौसम में हड्डियों का पुराना दर्द उबर रहा है।
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