शुक्रवार को सरकारी विभागों के कई कार्यालयों में काम नहीं होगा। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना होगा। प्रदेश और केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों की वजह से सरकारी बैंक, रोडवेज और बिजली विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।रोडवेज: रोडवेज इंपलाईज यूनियन के आह्वान पर रोडवेज कर्मी 10 सूत्री मांगों को लेकर बसों का चक्का जाम करेंगे।
ऐसे में यात्री अपने वाहन या वैकल्पिक साधनों का इंतजाम कर लें। संगठन सरकार से बीते कई वर्ष से रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल 2016 तत्काल समाप्त कराने। श्रम कानूनों में संशोधन कर श्रमिकों को क्षति पहुंचाने वाली समस्त कार्रवाई समाप्त की जाए, पक्के मार्गों को शत प्रतिशत राष्ट्रीयकृत किया जाए, मानक के अनुसार समस्त श्रमिक संवर्ग में नियमित नियुक्ति की जाए समेत 10 मांगों के निस्तारण की आवाज उठा रहे हैं।
आश्वासन के बावजूद इनको स्वीकार नहीं किया गया है। चक्का जाम से पुराना बस अड्डा समेत साहिबाबाद और आनंद विहार बस अड्डे से यात्रियों को बसें नहीं मिलेंगी। खासतौर से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा जाने वाले यात्रियों को फजीहत होगी।बैंक : केंद्र की बैंकिंग सेक्टर की गलत नीतियों के विरोध में बैंकों की सभी छह यूनियन शुक्रवार को हड़ताल पर रहेंगी।
यूपीबीईयू की गाजियाबाद यूनिट के असिस्टेंट सेक्रेटरी रोहित कुमार के मुताबिक सरकार एक तरफा निर्णय ले रही है। बैकाें का मर्जरीकरण नहीं होना चाहिए और न ही निजीकरण पर ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए। बैंक यूनियन लंबे अर्से से संघर्ष कर रही है। वैसे हड़ताल से ग्राहकों को परेशानी होगी। सबसे ज्यादा परेशानी स्टूडेंट्स को होगी, जो सीसीएसयू की सेल्फ फाइनेंस कोर्स में एडमिशन लेंगे।
उनका बैंक ड्राफ्ट नहीं बन पाएगा।बिजली विभाग : पावर कारपोरेशन के संविदा कर्मी विभाग की लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ हड़ताल करेंगे। कर्मियों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी संविदा कर्मियों का रिन्यूवल नहीं कर रहे। विशेष रूप से लाइनमैन ज्यादा परेशान हैं। संविदा पर काम करने वाले लाइनमैन की यदि मौत हो जाती है तो इसके लिए न तो विभाग और न ही ठेकेदार जिम्मेदार होता है।
कर्मियाें की हड़ताल से यदि किसी कालोनी की पावर कट होती है तो वह जल्दी नहीं सुधरेगी।