सपा कार्यालय के पास कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने जाते कार्यकर्ताओं को रोकती पुलिस। संवाद
बुलंदशहर। जिलाध्यक्ष मतलूब अली के नेतृत्व में डीएम कुमार हर्ष को ज्ञापन देने के लिए जा रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पार्टी कार्यालय से कुछ दूरी पर ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। बैरिकेडिंग से आगे बढ़ने को लेकर कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, यूरिया की कालाबाजारी, पेपर लीक, कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार सिंह, सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने मौके पर पहुंचकर सपा कार्यकर्ताओं से बात की और ज्ञापन उन्हें वहीं देने के लिए कहा। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने दोनों अधिकारियों को राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष मतलूब अली ने कहा कि महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि कर उनपर महंगाई और अधिक बोझ डाल दिया है। ऐसे में उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो जाएगा। रसोई का बजट बिगड़ने से उन्हें अपने जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ेगी, जिससे पहले से ही मुश्किल से गुजर बसर रहे लोगों को जीवन यापन में और अधिक मुश्किल हो जाएगी। कहा कि पेट्रोल, डीजल के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। वहीं, खाद्य वस्तुओं से लेकर हर एक वस्तु के दामों में वृद्धि हो रही है। महंगाई आसमान छू रही है। लोगों का गुजर-बसर कराना मुश्किल हो गया है।
सपा नेता दिनेश गुर्जर ने कहा कि युवा अपना भविष्य बनाने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं। पेपर लीक होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। सभी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। मानसिक तनाव में युवा खुदकुशी कर रहे हैं। कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। बहन,बेटियां सुरक्षित नहीं है। दुष्कर्म जैसी वारदात में बढ़ रही है। कहा कि पुलिस निर्दोष लोगों का एनकाउंटर कर रही है। आरक्षण में भाजपा सरकार खेल कर रही है। धांधली कर ओबीसी वर्ग को ठगने का काम कर रही है।
कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाया। कहा कि इस सरकार में किसान, मजदूर, छात्र किसी का भविष्य सुरक्षित नहीं हैं। यह सरकार जन विरोधी है। इस अवसर पर पूर्व एमएसली जितेंद्र यादव, पूर्व विधायक होशियार सिंह, हिमायत अली, मुकेश शर्मा, नंदकिशोर वाल्मीकि समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।