गाजियाबाद में समाजवादी पार्टी ने स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बढ़े बिजली बिल, सर्वर समस्या और उपभोक्ताओं की सहमति बिना मीटर बदलने पर नाराजगी जताई।
समाजवादी पार्टी ने आज गाजियाबाद जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के विरोध में था। पार्टी ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें आम जनता को हो रही गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानियों को दूर करने की मांग की गई।
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प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन एडवोकेट और महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र यादव एडवोकेट ने किया। सैकड़ों समाजवादी साथी और आम जनता इसमें शामिल हुए। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटरों की रीडिंग बहुत तेज है। इससे बिजली के बिल दोगुने से तिगुने आ रहे हैं। उन्होंने इसे आम आदमी की जेब पर सीधी डकैती बताया। लोगों का कहना है कि रिचार्ज के बावजूद सर्वर की समस्या से बिजली कट जाती है। इससे गरीब, किसान और मजदूर वर्ग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं की सहमति के बिना पुराने मीटर बदले जा रहे हैं। विरोध करने पर बिजली विभाग के कर्मचारी जनता को डरा-धमका रहे हैं। मोदीनगर, निवाड़ी सहित गाजियाबाद के कई क्षेत्रों में महिलाएं भी सड़कों पर उतरकर विरोध कर रही हैं।
समाजवादी पार्टी ने प्रदेश भर में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। पार्टी चाहती है कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, उन्हें हटाया जाए। उनके स्थान पर पुनः पुराने बिल आधारित मीटर स्थापित किए जाएं। समाजवादी पार्टी ने स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही आर्थिक लूट को तुरंत बंद करने की अपील की। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन होगा। यह आंदोलन आम जनता के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।
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उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटरों की तुलना में बहुत तेजी से रीडिंग करते हैं। इसके कारण उनके बिजली बिल में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। कई बार रिचार्ज करवाने के बाद भी तकनीकी खराबी के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। बिजली विभाग के कर्मचारी जबरन मीटर बदल रहे हैं और विरोध करने पर धमकाते हैं। यह स्थिति गरीब और मजदूर वर्ग के लिए विशेष रूप से कष्टदायक है। उपभोक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार पर आम जनता का खून चूसने का आरोप लगाया।
इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने में कई प्रमुख समाजवादी नेता शामिल रहे। इनमें महानगर महासचिव राजन कश्यप, प्रदेश सचिव धर्मवीर डबास और अभिषेक गर्ग थे। पूर्व महापौर प्रत्याशी सिकंदर यादव और पूर्व विधायक के के शर्मा भी मौजूद रहे। वरिष्ठ सपा नेता रमेश यादव एडवोकेट और राष्ट्रीय जिला पंचायत सदस्य विकास यादव ने भी भाग लिया। महिला सभा प्रदेश उपाध्यक्ष राज देवी चौधरी और महिला सभा जिला अध्यक्ष दुर्गेश चौधरी भी उपस्थित थीं। इनके अतिरिक्त, कई अन्य जिला और महानगर स्तरीय पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।