चुनाव के महासंग्राम को जीतने के लिए सपा ने वादों का पिटारा खोल दिया। सरकार बनने पर युवाओं को लैपटॉप, कन्या विद्याधन, स्मार्ट फोन, गृहणियों को प्रेशर कुकर देने की योजनाओं को लाने के वादे कर वोटरों को साधने का प्रयास किया गया है।
हालांकि विरोधियों ने सपा की इन योजनाओं को सिर्फ छलावा बताया। उनका कहना है कि पांच साल की सरकार में वादे पूरे नहीं हुए और अब फिर जनता को ठगने चले हैं। अब नए वादों पर जनता भरोसा नहीं करेगी।
समाजवादी पार्टी ने पहले भी झूठे आश्वासन देकर जनता को ठगा था। पांच साल की सरकार के कार्यकाल में कोई वादा पूरा नहीं किया। विकास सिर्फ इटावा, मैनपुरी, कन्नौज समेत चार-पांच जिलों में हुआ है। जनता ने देख लिया है, अब इनके बहकावे में नहीं आएगी। - सुरेश बंसल, बसपा प्रत्याशी
अखिलेश सरकार ने जो घोषणाएं की हैं, उससे लगता है कि वह लोगों को दान पर और सब्सिडी पर जीने की आदत डाल रहे हैं। ऐसी एक भी घोषणा नहीं है, जिससे जनता स्वाभिमान के साथ अपना व्यवसाय कर सके। जनता समझदार है। - अतुल गर्ग, भाजपा प्रत्याशी
कांग्रेस का भी मुख्य चुनावी मुद्दा विकास ही होगा। यूपी को फिर से विकास की पटरी पर लाने के लिए दोनों दल मिलकर काम करेंगे। - हरेंद्र कसाना, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
सपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। पांच साल के कार्यकाल में किसानों के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया। मिल मालिकों को फायदा पहुंचाया है। जनता इन छलावे भरी योजनाओं में भ्रमित होने वाली नहीं है। - - रामानंद गोयल, महानगर अध्यक्ष