अब ग्रामीण अंचलों में भी सरकारी स्तर पर ब्लड डोनेशन हो सकेगा। इसके लिए मंडल को एक मोबाइल ब्लड डोनेशन वैन मिलने वाली है। इस वैन का इस्तेमाल रक्तदान के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा के लिए भी होगा। वैन में अलग से स्टाफ की तैनाती होगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सरकारी स्तर पर अभी भी रक्तदान के लिए काफी कम इंतजाम हैं। अधिकतर जनपद में एक-एक ब्लड बैंक हैं जिनमें से कई जगहों पर ब्लड स्टोरेज केपेसिटी भी काफी कम है। इसको देखते हुए शासन ने पहले चरण में मंडलों में एक मोबाइल ब्लड ट्रांसफ्यूजन वैन (बीटी वैन) देने का फैसला किया है।
इसमें मेरठ मंडल भी शामिल है। इस वैन से गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर और उसके आसपास के क्षेत्रों को फायदा होगा। नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन द्वारा यह ब्लड डोनेशन वैन दिया जाएगा। इस वैन में एक डाक्टर, पैथोलॉजिस्ट, काउंसिलर सहित ब्लड बैंक की अत्याधुनिक सुविधा होगी।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एके दुआ ने बताया कि इसकी घोषणा हो चुकी है। प्रथम चरण में मंडल को और बाद में सभी जनपद को एक-एक वैन मिलेगा।
अधिक से अधिक रक्तदान शिविर लगा करेंगे कमी पूरी
जनपद में ब्लड की कमी को पूरा करने के लिए अधिक से अधिक रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। गाजियाबाद में एक साल में 48 से अधिक रक्तदान शिविर लगाए जाने का लक्ष्य है। अस्पताल में 800 यूनिट ब्लड स्टोरेज की भी सुविधा है। लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण मांग भी अधिक है।