गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक की जीएच-7 सोसायटी में मंगलवार को एक फ्लैट में मिले तनुज सहगल के शव मामले में पुलिस को यह पता चला कि है तनुज के 75 साल के पिता हरीश लंबे समय से बीमार हैं। वह काफी समय से चल भी नहीं पाते हैं और न ही कुछ काम कर पाते हैं। ऐसे में उन्हें जानकारी ही नहीं हो पाई कि उनके बेटे की मौत हो चुकी है। बेटे के उनके पास नहीं आने पर पहले तो बेड पर आसपास रखे हुए सामान को खा लिया, बाद में वह भूखे प्यासे बेड पर पड़े रहे।
मंगलवार को बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस फ्लैट का दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो वहां तनुज सहगल का शव पड़ा मिला। डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि जानकारी मिली है कि तनुज को शुगर की बीमारी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का असल कारण पता चल सकेगा। वहीं, हरीश सहगल नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन से सेवानिवृत्त हैं और तनुज ने सिर्फ 10वीं तक पढ़ाई की थी। वह कोई काम नहीं करते थे। 20 सितंबर को तनुज अपने पिता को अस्पताल लेकर गए थे।
किसी से वास्ता नहीं रखते थे तनुज
डीसीपी ने बताया कि तनुज की बहन ज्योत्स्ना चंडीगढ़ से आईं हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तनुज लोगों से बहुत कम बात करते थे। तनुज का ऐसा ही व्यवहार अपने बहनों के साथ था। दोनों बहन उससे बात करने की कोशिश करती थीं लेकिन वह कॉल तक नहीं उठाते थे। पता चला कि एक बार अमेरिका में रहने वाली बहन आईं थी लेकिन तनुज ने फ्लैट का दरवाजा ही नहीं खोला तो उन्हें लौटना पड़ा था।