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Ghaziabad News: कुछ अभिभावक बच्चों को ले गए घर तो कुछ में हुई पढ़ाई

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गाजियाबाद। स्कूलों में बम से उड़ाने की धमकी की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही स्कूलों और अभिभावकों में अफरा तफरी मच गई। घबराए अभिभावकों ने बच्चों के स्कूल में फोन कर हालचाल लिया। सब कुछ ठीक होने का जवाब मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। कुछ अभिभावक बच्चों को छुट्टी से पहले ही घर ले तो कुछ स्कूलों में पूरी पढ़ाई हुई और निर्धारित समय पर छुट्टी हुई।
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वहीं, डीपीएसजी मेरठ रोड पर भारी पुलिसबल पहुंच गया। स्कूलों के मुख्य द्वार, कमरों और बसों व अन्य वाहनों में चेकिंग हुई। सबकुछ ठीक होने पर करीब एक बजे अधिकारियों व स्कूल प्रबंधन ने राहत की सांस ली। जो अभिभावक बच्चों को लेने स्कूल आए थे, उन्हें भेज दिया गया। इसके बाद स्कूल सामान्य रूप से चला। सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल में जब अभिभावक अपने बच्चों को लेने के लिए पहुंचने शुरू हो गए तो प्रबंधन ने समय से पहले ही स्कूल में छुट्टी कर दी। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके यहां सब कुछ सामान्य है। अभिभावक व बच्चों को घबराने, डरने की जरूरत नहीं है।

सरकारी स्कूलों में नहीं दिखा असर
एक तरफ जहां निजी स्कूलों में बम की सूचना पर अफरातफरी जैसा माहौल रहा। वहीं, सरकारी स्कूलों में इसका कोई प्रभाव नहीं दिखा। वहां न तो कोई अभिभावक अपने बच्चे को लेने पहुंचा। न ही शिक्षकों ने समय से पहले कोई छुट्टी की। बच्चे निर्धारित समय पर ही अपने-अपने घर गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव का कहना है कि परिषदीय स्कूलों में अध्यापन कार्य प्रभावित नहीं हुआ। शिक्षकों से अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई।
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स्कूल की बढ़ाई सुरक्षा
सोशल मीडिया जैसे ही यह सूचना वायरल हुई। हमने अपने स्कूल की सुरक्षा बढ़ा दिया। अंदर आने वाले व्यक्ति से विस्तृत पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों से बात हो गई थी तो अफवाह होने की पुष्टि हो गई। अभिभावकों से अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई। - कैप्टन डॉ. दिनिशा भारद्वाज, प्रधानाचार्य, डीपीएसजी, मेरठ रोड

निर्धारित समय तक हुई पढ़ाई
हमारे यहां किसी तरह का कोई मेल नहीं आया। न ही हमने समय से पहले छुट्टी की। कुछ अभिभावकों ने फोन जरूर किए थे, उनको पूरी स्थिति बता दी गई थी। पढ़ाई निर्धारित समय तक ही चली है। - नंदिनी शेखर, प्रधानाचार्य, डीपीएस, एचआरआईटी, मेरठ रोड

बयान
हमें भी सोशल मीडिया के जरिये पता चला। सीबीएसई बोर्ड के ग्रुप पर मैसेज कर स्कूलों से जानकारी मांगी कि किस किस स्कूल में ई-मेल आए हैं। किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इससे यह खबर पूरी तरह अफवाह लग रही है। लोगों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। - राजेश श्रीवास, जिला विद्यालय निरीक्षक गाजियाबाद
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